छत्तीसगढ़

पंचायतों में अविवादित, नामांतरण, बंटवारा प्रकरण पंजीयन में प्रगति लाये – कलेक्टर

दुर्ग, 25 फरवरी 2026/sns/- कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक में विभागवार समय-सीमा प्रकरणों की गहन समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्‍होंने पंचायतों में राजस्व प्रकरण पंजीयन, ई-ऑफिस क्रियान्वयन, ऑफिसों के बैंक खाते, कोतवाली भूमि संबंधी प्रकरण, भूमि आबंटन हेतु एनओसी, खदानों का सीमांकन और भवनों में बनाए गए वाटर हार्वेस्टिंग का जियो टैगिंग की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में प्रगति लाने शासन की मंशा के अनुरूप पंचायतों को प्रकरण हस्तांतरित की गई है। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को ग्राम पंचायतों में अविवादित, नामांतरण, बंटवारा प्रकरणों के पंजीयन में प्रगति लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी पंचायतों में एक सप्ताह के भीतर पंजीयन दर्ज होना चाहिए। जिन पंचायतों में पंजीयन नहीं होने पर संबंधित पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। कलेक्टर ने कार्यालयों में ई-ऑफिस के माध्यम से फाईल प्रस्तुति पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को ई-ऑफिस क्रियान्वयन को गंभीरता से लेने के निर्देश दिये। उन्‍होंने विभागों द्वारा संचालित बैंक खाते की जानकारी लेते हुए कहा कि शासन के वित्त विभाग के इनपैनल सूची में शामिल बैंकों में शासकीय कार्यालयों का खाते होना चाहिए। ऐसे विभाग जिनके खाते वित्त विभाग के इनपैनल सूची में शामिल बैंक में नहीं है, वे तत्काल अपनी खाता बंद कर वित्त विभाग के इनपैनल सूची में शामिल बैंक में खाते खुलवायें। साथ ही बैंक खाते की अपडेट जानकारी जिला कोषालय को उपलब्ध करायें। उन्होंने सभी एसडीएम से संबंधित क्षेत्र में कोतवाली भूमि संबंधी प्रकरण की जानकारी ली और प्रकरणों पर तत्परतापूर्वक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार विविध निर्माण हेतु भूमि आबंटन के संबंध में संबंधित एसडीएम द्वारा जिन विभागों से एनओसी आमंत्रित किया गया है, ऐसे विभाग शीघ्र एनओसी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने स्कूली और आंगनबाड़ी बच्चों के आधार अपडेशन की जानकारी ली। साथ ही जन्म प्रमाण नहीं बनने के कारण आंगनबाड़ी के बच्चे जिनका आधार अपडेशन नहीं हो रहे है, ऐसे बच्चों की परियोजनावार सूची ईडीएम को उपलब्ध कराने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया। कलेक्टर ने जिले में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की जानकारी ली और निर्माण कार्य पूर्ण होने पर यूसी/सीसी आदिम जाति कल्याण विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसी प्रकार आदि कर्मयोगी/ धरती आबा योजना अंतर्गत जिले के चिन्हित चार गांव क्रमशः नवागांव (स), सिरनाभांठा,  सेमरिया (बी) (धमधा विकासखण्ड) एवं ग्राम अकतई (पाटन विकासखण्ड) में समस्त विभाग शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष फोकस करें। कलेक्टर ने खदानों की सीमांकन की जानकारी लेते हुए सभी एसडीएम को संबंधित क्षेत्र के खादानों का  सीमांकन कर विवरण सहित सूचना फलक लगाने के निर्देश दिये। साथ ही अवैध खोदाई की घनमीटर में माप कर पैनाल्टी राशि अधिरोपित किया जाए। कलेक्टर ने भू-जल स्तर को बढ़ावा देने के लिए नये भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर देते हुए सभी नगरीय निकायों में बनाये गये वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का जियो टेंगिंग कराने और 31 मार्च के पहले सीईओ जिला पंचायत को रिपोर्टिंग करने निगम अधिकारियों को निर्देशित किया। इसी प्रकार सभी निर्माण कार्य एजेंसी विभागों को भी नवनिर्मित भवनों में बनाये गये वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का जियो टेंगिंग कराने के निर्देश दिये गये। बैठक में आगामी जनगणना 2027 के लिए जिले में प्रारंभिक तैयारियों पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर श्री सिंह ने पीजी पोर्टल, मुख्यमंत्री अन्य पत्र, कलेक्टर जनदर्शन, पीजीएन (वेब एवं पोस्ट) पोर्टल, ई-समाधान और मुख्यमंत्री जनदर्शन के लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निराकृत करने अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल, अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह एवं श्रीमती योगिता देवांगन, जिला पंचायत के सीईओ श्री बी.के. दुबे, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी एवं श्रीमती शिल्ली थामस, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *