बीजापुर, 17 फरवरी 2026/sns/-जिले के उसूर ब्लॉक में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए “सहजिनी प्रोजेक्ट” की शुरुआत की गई है। ग्राम पंचायत आवापल्ली, बसागुड़ा एवं मुरदंडा में 90 से अधिक स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं को 42 दिवसीय जीवन कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना, वित्तीय जागरूकता बढ़ाना तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के प्रति महिलाओं को सजग एवं सक्षम बनाना है।
प्रशासनिक मार्गदर्शन में मिली स्वीकृति- “सहजिनी प्रोजेक्ट” को जिला कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे एवं जनपद पंचायत उसूर के सीईओ श्री प्रभाकर चंद्राकर के मार्गदर्शन में स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना का क्रियान्वयन Piramal Foundation के सहयोग से किया जा रहा है तथा इसे कुमारी स्नेहा लावणकर द्वारा लॉन्च किया गया।
एनआरएलएम से जुड़े प्रशिक्षकों की सक्रिय भूमिका- प्रशिक्षण सत्रों का संचालन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़े प्रशिक्षित पीआरपी के मार्गदर्शन में युवाओं द्वारा किया जा रहा है। सत्रों में महिलाओं को सरल एवं व्यवहारिक तरीकों से जीवन कौशल की जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को पारिवारिक एवं सामुदायिक स्तर पर प्रभावी निर्णय लेने, आत्मविश्वास बढ़ाने, बचत एवं बैंकिंग प्रणाली को समझने तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की ओर कदम- इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें ग्राम स्तर पर नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए भी तैयार करना है।
“सहजिनी प्रोजेक्ट”के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं की सक्रिय एवं सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। उसूर ब्लॉक में शुरू हुआ यह अभियान महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।

