छत्तीसगढ़

कलेक्टर डॉ कन्नौजे ने की महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने कुपोषित बच्चों और एनीमिक महिलाओ पर फोकस कर सुपोषित करने के निर्देश

सारंगढ़ बिलाईगढ़, 17 फ़रवरी 2026/sns/-कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में  महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों, बच्चों की संख्या, जर्जर भवन, निर्माणाधीन भवन, पूर्ण भवन, टीकाकरण, पोषक आहार वितरण आदि का परियोजना और सेक्टर अधिकारियों से चर्चा कर समीक्षा किया। कलेक्टर ने कहा कि जर्जर भवनों में बच्चों को नहीं बैठाएं। नवीन भवन निर्माण हो चुका है तो बच्चों को वहां बैठाएं। नए भवन के लिए प्रस्ताव भेजें और जर्जर भवनों को डिस्मेंटल करने के लिए भी पत्राचार करें ताकि सभी व्यवस्थित रहे। पालकों के साथ गृह भेंट और महिलाओं के साथ चौपाल कर बच्चों के देखरेख, सावधानी आदि के बारे में माताओं को सिखाएं।

 कलेक्टर ने कहा कि ऐसे कुपोषित और मध्यम बच्चे हैं उन्हें एनआरसी केंद्र के माध्यम से सुपोषित करने के लिए पालक को प्रोत्साहित करने सभी अधिकारी अपने अधीनस्थ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को निर्देशित करें ताकि कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं रहे। इसी प्रकार बच्चों को जन्मजात या अन्य गंभीर बीमारी  ग्रस्त है तो उन्हें चिरायु टीम को जांच करने के लिए अपने उच्च अधिकारियों को जानकारी देने के लिए निर्देशित करें। उन्होंने अधिकारियों और सुपरवाइजरों को महतारी वंदन योजना के नये पंजीयन नहीं हो रहा है इसकी जानकारी अपने क्षेत्र के महिलाओं को दें।

कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी अधिकारी और स्टॉफ को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपके आंगनबाड़ी का निर्माण कहाँ हो रहा है, उनके निर्माण का अच्छी गुणवत्ता से हो रहा या नहीं, यह ध्यान दें और अच्छे क्वालिटी से निर्माण नहीं हो रहा तो उसकी जानकारी उच्च अधिकारियो को दें। सभी नागरिकों के बीमारी और इलाज का रिकार्ड के लिए आभा आईडी बनाने और बच्चों के पढ़ाई का रिकार्ड रखने के लिए अपार आईडी बनाये।

कलेक्टर ने कहा कि गर्भवती और शिशुवती माता सहित 6 माह से 3 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण और घर पहुंच राशन शत प्रतिशत वितरित करें। उन्होंने आंगनबाड़ी समय पर खुले और सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजर को निर्देश दिए।

कलेक्टर डॉ कन्नौजे ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना अंतर्गत गर्भवती माताओं को लाभान्वित करें और कोई भी गर्भवती माता नहीं छूटनी चाहिए। शत प्रतिशत पोषण आहार का वितरण और पोषण ट्रैकर में इसे दर्ज होना चाहिए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सेक्टर पर्यवेक्षकों द्वारा गर्भवती, शिशुवती और बच्चों के गृह भेंट के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पोषण परामर्श सुनिश्चित करना है, उन्हें जानकारी देना है कि कौन कौन से सब्जी भाजी, फल मूल में कौन से विटामिन होता है, जिसके सेवन से शरीर मजबूत होता है। कलेक्टर ने कहा कि सेक्टर पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण होना चाहिए और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गिनती, अक्षर ज्ञान, नाम, पता, बोलने में झिझक को दूर करने के लिए स्कूल जाने के पहले बुनियादी शिक्षा देना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर ऋचा सिंह,जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी उत्तम प्रसाद सहित सारंगढ़, बरमकेला, भटगांव, बिलाईगढ़  सरसीवा, लेंधरा, कोसीर, सरिया के परियोजना अधिकारी, सेक्टर अधिकारी, सुपरवाइजर आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *