छत्तीसगढ़

रायगढ़ जिले की बेटियों के कौशल विकास की दिशा में ऐतिहासिक समझौता, नव गुरुकुल को मिला स्थायित्वराज्य शासन की मंशानुरूप उद्योग और जिला प्रशासन का सशक्त समन्वय160 बालिकाओं को मिलेगा लाभ, संचालन व्यय वहन करेंगे उद्योग संस्थान


रायगढ़, 14 फरवरी 2026/sns/- रायगढ़ जिले में बालिकाओं की शिक्षा, कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए रायगढ़ स्पंज आयरन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन एवं कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग के मध्य नव गुरुकुल संस्था के संचालन के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल राज्य शासन की रोजगार उन्मुखी एवं कौशल विकास नीतियों को गति देने की दिशा में जिला प्रशासन और उद्योग जगत के सशक्त समन्वय का परिणाम है समझौता कार्यक्रम कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर अपर कलेक्टर श्री अपूर्व टोप्पो की उपस्थिति में संपन्न हुआ। उन्होंने इसे जिले के सामाजिक, शैक्षणिक एवं कौशल विकास के क्षेत्र में दूरगामी प्रभाव वाली पहल बताया। कार्यक्रम में रायगढ़ इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर श्री कमल किशोर अग्रवाल एवं श्री सुनील कुमार पांडा, माँ काली एलायंज के डायरेक्टर श्री आदित्य अग्रवाल, शाकंभरी स्टील लिमिटेड के प्रबंधक श्री सुधीर मिश्रा, नवदुर्गा फ्यूल्स के प्रबंधक श्री राकेश पांडेय तथा बी.एस. स्पंज के प्रबंधक श्री विजय अग्रवाल सहित अन्य उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी के अथक प्रयासों से रायगढ़ जिला शिक्षा एवं सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और यह समझौता उद्योग एवं प्रशासन के बीच मजबूत साझेदारी का उदाहरण है।
गौरतलब है कि रायगढ़ के गढ़उमरीया स्थित नव गुरुकुल परिसर में वर्तमान में लगभग 160 बालिकाओं को आवासीय सुविधा के साथ निःशुल्क तकनीकी, व्यावसायिक एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। इस समझौते के अंतर्गत संस्थान के संचालन से संबंधित बिजली, साफ-सफाई, इंटरनेट सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्ययों का वहन रायगढ़ स्पंज आयरन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन द्वारा किया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण व्यवस्था नियमित एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हो सकेगी। जिले के उद्योग संस्थानों द्वारा नव गुरुकुल के अभियानों को पूर्ण समर्थन देने से सैकड़ों बालिकाओं के लिए आगे बढ़ने का मार्ग और अधिक सुदृढ़ होगा। यह पहल रायगढ़ जिले की बेटियों के सपनों को साकार करने तथा उन्हें कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

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