सुकमा, 10 फरवरी 2026/sns/-घने जंगलों और चुनौतियों से घिरे नक्सल प्रभावित इलाकों में जब बच्चों के सपनों को पंख मिलते हैं, तो वह दृश्य किसी चमत्कार से कम नहीं होता। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा और जागरूकता की नई रोशनी फैल रही है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल से ‘नियद नेल्लानार’ क्षेत्र के माध्यमिक शाला मिसमा और बालक आश्रम सामसट्टी के 40 विद्यार्थियों को सोमवार को एक यादगार शैक्षणिक भ्रमण का अवसर मिला। यह भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं था, बल्कि उन नन्हीं आँखों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और भविष्य के सपनों को जगाने वाला अनुभव था।
जब किताबों से निकलकर विज्ञान सामने आया
साइंस पार्क पहुँचते ही बच्चों की उत्सुकता देखते ही बनती थी। अब तक जो सिद्धांत उन्होंने किताबों में पढ़े थे, वे पहली बार उनकी आँखों के सामने जीवंत हो उठे। न्यूटन का तीसरा नियम, ऊर्जा का रूपांतरण, प्रतिध्वनि नली से गूंजती ध्वनि, धूप घड़ी से समय का मापन, तैरते पक्षी से संतुलन का रहस्यकृहर प्रयोग बच्चों के चेहरे पर हैरानी और मुस्कान छोड़ गया। दर्पणों के खेल और पेंडुलम की गति ने विज्ञान को डर नहीं, दोस्त बना दिया।
प्रशासन से सीधा संवाद, सपनों को दिशा
भ्रमण के दौरान बच्चे कलेक्टर कार्यालय भी पहुँचे। यहाँ उन्हें बताया गया कि शासन-प्रशासन कैसे काम करता है और हर पद की क्या जिम्मेदारी होती है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.आर. मंडावी ने बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें मेहनत, अनुशासन और शिक्षा के बल पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके शब्द बच्चों के मन में नई उम्मीद बनकर उतर गए।
प्रकृति की गोद में सीख और आनंद
इस प्रेरणादायक यात्रा का समापन तुंगल बांध के शांत और सुंदर वातावरण में हुआ। बच्चों ने समृद्ध जैव विविधता को नजदीक से देखा, जल संरक्षण के महत्व को समझा और नौकायान का भरपूर आनंद लिया। सामूहिक भोज के साथ हँसी-खुशी के वे पल जीवनभर की याद बन गए।


