छत्तीसगढ़

सरगुजा की मनमेश्वरी ने खुद की मेहनत से लिखी उद्यमिता की नई कहानी

अंबिकापुर, 09 फरवरी 2026/sns/- जिले के ग्रामीण अंचलों में महिलाएं अब केवल चूल्हे-चौके तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आर्थिक मोर्चे पर भी परिवार का नेतृत्व कर रही हैं। अंबिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत हर्राटिकरा की रहने वाली श्रीमती मनमेश्वरी आज उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गई हैं, जो छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव का सपना देखती हैं।

समूह से मिला संबल, बदली तकदीर
अल्पना स्व-सहायता समूह की सदस्य मनमेश्वरी की कहानी संघर्ष और आत्मविश्वास की है। उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी के बीच ’बिहान’ योजना (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) ने उन्हें एक नई राह दिखाई। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने साहस जुटाकर ऋण लिया और अपने गांव में धान कुटाई मशीन स्थापित की। मनमेश्वरी गर्व से कहती हैं कि शुरू में डर था कि लोन कैसे पटेगा, लेकिन मशीन चलने लगी तो आमदनी बढ़ने लगी। आज खुशी इस बात की है कि मैंने न केवल पूरा लोन चुका दिया है, बल्कि अब मेरे पास खुद की मशीन है जिससे हर महीने अतिरिक्त आय हो रही है।

परिवार की खुशहाली का नया जरिया
मनमेश्वरी के पति खेती-किसानी करते हैं। खेती की अनिश्चित आय के बीच धान कुटाई मशीन से होने वाली दैनिक कमाई ने उनके दो बच्चों की जिम्मेदारी और घर के खर्चों को आसान बना दिया है। मनमेश्वरी बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनमें जो आत्मविश्वास आया है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन के सहयोग से आज ग्रामीण अंचलों में महिलाएं ’उद्यमी’ के रूप में उभर रही हैं।

प्रशासनिक सहयोग से बढ़ रही महिला उद्यमिता
कलेक्टर श्री अजीत वसंत के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में जिले में स्व-सहायता समूहों को बैंक लिंकेज और तकनीकी कौशल से जोड़ा जा रहा है। मनमेश्वरी की यह सफलता दर्शाती है कि यदि महिलाओं को अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बनती हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकतीं हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *