राजनांदगांव, 03 फरवरी 2026/sns/-प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण योजना देश के
लाखों जरूरतमंद परिवारों को कच्चे घरों से निकालकर पक्के, सुरक्षित और
सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दे रही है। इसी कड़ी में जिले के छुरिया
विकासखंड के वनांचल ग्राम कल्लूटोला निवासी श्री उदे राम का प्रधानमंत्री
आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत पक्का घर बना है। ग्राम कल्लूटोला निवासी श्री
उदे राम ने बताया कि उनके लिए पक्का घर कभी एक सपना मात्र था। सीमित आय और
कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे वर्षों तक कच्चे मकान में रहने को मजबूर
थे। बरसात के दिनों में छत से टपकता पानी, दीवारों में दरारें और परिवार की
सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना
(ग्रामीण) ने उनके इस सपने को साकार कर दिया। श्री उदेराम ने बताया कि
आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वे अपने परिवार के साथ कच्चे एवं
असुरक्षित आवास में निवासरत रहते थे। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में
परिवार को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था, जिससे स्वास्थ्य एवं साम
जीवन प्रभावित होता था। श्री उदेराम साहू ने बताया कि उन्हें
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास निर्माण के लिए 1 लाख 20
हजार रूपए की वित्तीय सहायता मिला था। प्राप्त आर्थिक सहायता से उन्होंने
गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग करते हुए पक्का, सुरक्षित एवं टिकाऊ आवास
का निर्माण सफलतापूर्वक पूर्ण किया। इसके अतिरिक्त मनरेगा योजना अंतर्गत
उन्हें 90 दिवस की मजदूरी भी उपलब्ध हुई थी, जिससे निर्माण अवधि के दौरान
रोजगार एवं आय का स्थायी स्रोत प्राप्त हुआ तथा अतिरिक्त ऋण लेने की
आवश्यकता नहीं पड़ी। इसके अतिरिक्त स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत शौचालय
निर्माण से परिवार को स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं गरिमापूर्ण जीवन का लाभ मिला
रहा है। श्री उदेराम ने बताया कि पक्का आवास बनने के बाद परिवार की
जीवन-शैली में सकारात्मक परिवर्तन आया है। अब सुरक्षित आवास, स्वच्छ
वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य एवं बच्चों की शिक्षा हेतु अनुकूल परिस्थितियां
उपलब्ध हो रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण योजना के माध्यम से न
केवल आवास सुविधा सुनिश्चित हुई है, बल्कि उन्हें और उनके परिवार का
सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण भी हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
ग्रामीण क्षेत्र में गरीब परिवारों के जीवन को स्थायी रूप से सुधारने की
दिशा में एक प्रभावी एवं सफल योजना सिद्ध हो रही है।


