छत्तीसगढ़

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26: जिले के 1.09 लाख किसानों ने अब तक 5.83 लाख मीट्रिक टन बेचा धान

किसानों को किया गया 1 हजार 294 करोड़ रुपये का भुगतान

कवर्धा, 28 जनवरी 2026/sns/- खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत कबीरधाम जिले के 1 लाख 9 हजार 321 किसानों द्वारा अब तक कुल 5 लाख 83 हजार 651 मीट्रिक टन धान विक्रय किया जा चुका है। इसके साथ ही समय पर किसानों को उनके खातों में राशि अंतरित की जा रही है। धान खरीदी के एवज में अब तक किसानों को कुल 1294 करोड़ 92 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सरकार द्वारा अपनाई गई डिजिटल और समयबद्ध प्रणाली के चलते किसानों में उत्साह है और खरीदी केंद्रों पर व्यापक भागीदारी देखने को मिल रही है।
कबीरधाम जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी सुचारू, तेज़ और पारदर्शी ढंग से जारी है। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा खरीदी केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। किसानों को भुगतान न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुरूप किया जा रहा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का पूरा और न्यायसंगत मूल्य मिल रहा है।
भुगतान प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि धान विक्रय के 48 घंटे के भीतर राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जा रही है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो रहा है। त्वरित भुगतान से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और वे आगामी कृषि गतिविधियों की योजना सहजता से बना पा रहे हैं।
खरीदी केंद्रों से मिलर्स द्वारा धान उठाव कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। अब तक टीओ और डीओ मिलाकर कुल 2 लाख 23 हजार 607 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है। धान का उठाव लगातार प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि धान उठाव एवं परिवहन कार्य को गति देने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है, ताकि खरीदी केंद्रों में पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहे और किसानों को धान विक्रय में किसी प्रकार की बाधा न हो।
खरीदी केंद्रों में किसानों के बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी, माइक्रो एटीएम, सुरक्षा व्यवस्था, बारदाना उपलब्धता सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। आगामी तीन दिनों में किसान धान विक्रय के लिए केंद्रों पर पहुँचने वाले हैं। इसके लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं, ताकि किसी भी किसान को असुविधा न हो। खरीदी केंद्रों पर व्यवस्था, तौल, परिवहन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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