सुकमा, 21 जनवरी 2026/sns/-सुकमा जिले में विकास और स्वरोजगार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु श्प्रोजेक्ट उन्नतिश् के अंतर्गत आयोजित 30 दिवसीय आवासीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज समापन हुआ। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर ने सफल रहे 30 प्रशिक्षणार्थियों को श्राजमिस्त्रीश् का प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
आधुनिक निर्माण तकनीकों से हुए लैस
एसबीआई-आरसेटी के सहयोग से 23 दिसंबर 2025 को शुरू हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों के 30 अकुशल श्रमिकों का चयन किया गया था। इस एक माह की अवधि में श्रमिकों को आवास निर्माण की आधुनिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण निर्माण पद्धति, सामग्री प्रबंधन, लागत नियंत्रण और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का गहन सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के उपरांत आयोजित मूल्यांकन परीक्षा में सभी 30 प्रतिभागियों ने सफलता प्राप्त कर अपनी दक्षता सिद्ध की।
आत्मनिर्भरता और आय में वृद्धि
प्रमाण पत्र वितरण समारोह के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित होने वाले घरों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। अब जिले में स्थानीय प्रशिक्षित राजमिस्त्री उपलब्ध होंगे, जिससे बाहरी श्रमिकों पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने आगे बताया कि प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले इन हितग्राहियों को 7,830 रुपये का प्रशिक्षण भत्ता भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिलेगा।
विकास को मिलेगी नई रफ़्तार
इस पहल से जिले में अब कुशल जनशक्ति की कमी दूर होगी। प्रशिक्षित राजमिस्त्री अब स्वयं का रोजगार सृजित करने के साथ-साथ अन्य ग्रामीण परिवारों के आवास निर्माण में सहयोग कर अपनी आय बढ़ा सकेंगे। प्रशासन की इस सकारात्मक पहल को ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत एवं आरसेटी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


