सुकमा, 09 जनवरी 2026/sns/- राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) नई दिल्ली की उच्च स्तरीय टीम ने दो दिवसीय बस्तर संभाग प्रवास के दौरान सुकमा जिले के विभिन्न “उल्लास“ साक्षरता केंद्रों का दौरा किया। 08 और 09 जनवरी को हुए इस मूल्यांकन कार्यक्रम में टीम ने जिले में चल रहे साक्षरता अभियानों की जमीनी हकीकत जानी और बस्तर संभाग के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार करने हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों व नवसाक्षरों से सीधा संवाद किया।
कलेक्टर और जिला सीईओ के प्रयासों की सराहना
एनसीईआरटी टीम, जिसमें टाटा कंसल्टेंसी के श्री किशन गोपाल लड्ढा, श्री उमेन्द्र कटरे और एनएसडीसी के प्रतिनिधि शामिल थे, ने सुकमा जिले में साक्षरता के प्रति प्रशासनिक सक्रियता की जमकर तारीफ की। टीम ने कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर द्वारा शिक्षा और साक्षरता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणादायी बताया।
मुख्यधारा में लौटे लोगों की शिक्षा पर विशेष जोर
दौरे के दौरान विकासखंड छिंदगढ़ के हमीरगढ़, कुकानार, महिमा, पाकेला और सुकमा विकासखंड के पुनर्वास केंद्र मुरतोण्डा का अवलोकन किया गया। विशेष रूप से पुनर्वास केंद्र में मुख्यधारा से लौटे नवसाक्षरों से चर्चा करते हुए टीम ने श्सतत शिक्षाश् पर जोर दिया, ताकि वे समाज की प्रगति में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
जिला जेल में “साक्षरदूत“ का कमाल
टीम ने जिला जेल में संचालित उल्लास केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहाँ “साक्षरदूत“ द्वारा संचालित कक्षाओं और बंदियों को शिक्षित करने के प्रयासों को देखकर विशेषज्ञ प्रभावित हुए। इसके लिए उन्होंने जेल अधीक्षक श्री राजेश बिसेन के सकारात्मक प्रयासों की सराहना की।
बस्तर के लिए बनेगी विशेष रणनीति
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य महापरीक्षा अभियान में उत्तीर्ण हुए नवसाक्षरों से फीडबैक लेना और उनके अनुभवों के आधार पर बस्तर संभाग हेतु एक विशिष्ट शैक्षणिक मॉडल तैयार करना है।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. मंडावी, जिला परियोजना अधिकारी उमाशंकर तिवारी, पीपीआईए फेलो सुश्री अर्कजा कुटियाला, नोडल अधिकारी अगस्टिन कुमार राम सहित विकासखंडों के बीआरसी, बीपीओ, संकुल समन्वयक और बड़ी संख्या में साक्षरदूत व ग्रामीण उपस्थित रहे।

