अंबिकापुर, 09 जनवरी 2026/sns/- जिले में धान उपार्जन केन्द्रों की पारदर्शी व्यवस्था से किसानों को धान विक्रय में बड़ी राहत मिल रही है। टोकन प्रणाली, त्वरित नाप-तौल एवं बेहतर व्यवस्थाओं के कारण किसानों को बिना किसी परेशानी के धान बेचने की सुविधा मिल रही है।
बतौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नवाबांध के लघु किसान श्री धर्मसाय राजवाड़े ने बताया कि इस वर्ष अच्छी बारिश होने से धान की पैदावार बेहतर हुई है। उन्होंने करीब साढ़े 4 एकड़ में धान की खेती की है, जिससे कुल 98 क्विंटल धान का उत्पादन हुआ। समिति के माध्यम से उनका पहला टोकन 55.20 क्विंटल का काटा गया, जिसमें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
श्री राजवाड़े ने बताया कि शिवपुर धान उपार्जन केंद्र पहुंचते ही गेट पास, नमी परीक्षण कर उन्हें तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया, जिससे धान विक्रय की प्रक्रिया सुचारु एवं सुविधाजनक रही। उन्होंने बताया कि समिति केंद्र में किसानों के लिए पेयजल एवं छाया में बैठने की सुविधा उपलब्ध है तथा समिति के कर्मचारियों द्वारा पूरा सहयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य दिया जा रहा है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। धान विक्रय से प्राप्त राशि से उन्होंने गेहूं, तिलहन एवं सब्जी सहित अन्य फसलों की खेती की, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। श्री धर्मसाय राजवाड़े ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे किसान खुश हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

