मोहला 8 जनवरी 2026। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं रोजगार से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता एवं समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से प्रत्येक माह की 7 तारीख को आवास दिवस एवं रोजगार दिवस आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत मार्री विकासखंड मोहला में रोजगार दिवस के अवसर पर आवास दिवस एवं रोजगार दिवस का संयुक्त आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती नम्रता सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत, श्रीमती गैन्दकुंवर ठाकुर, अध्यक्ष जनपद पंचायत मोहला, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान पंचायत में ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर ने बताया कि आवास दिवस का आयोजन प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी देने, निर्माण में आ रही समस्याओं के समाधान तथा आवास निर्माण कार्यों को समयबद्ध पूर्ण कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि PMAY-G
के हितग्राहियों को 90 दिवस की अकुशल श्रमिक मजदूरी का लाभ देते हुए आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने, निर्माण सामग्री से संबंधित समस्याओं के समाधान, सामग्री बैंक की स्थापना तथा हितग्राहियों के आवास कार्यों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के टोल फ्री नंबर 1800-233-1290 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। साथ ही आवास लाभार्थियों का वाचन, गृह प्रवेश, आवास पूर्ण हितग्राहियों का सम्मान एवं प्रमाण पत्र वितरण, किश्त हस्तांतरण, मनरेगा के अंतर्गत 90 दिवस की मजदूरी राशि, तथा पंचायत पदाधिकारियों को विभिन्न विभागों के साथ अभिसरण संबंधी दिशा.निर्देशों की जानकारी दी गई। रोजगार दिवस के दौरान विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण VB-G राम जी योजना की जानकारी देते हुए सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि यह शासन की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे ग्रामीणों द्वारा सराहा जा रहा है। यह योजना मनरेगा का आधुनिक एवं उन्नत स्वरूप है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ बनाना है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत रोजगार दिवस 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिए गए हैं तथा मजदूरों को एक सप्ताह के भीतर मजदूरी भुगतान का प्रावधान किया गया है। साथ ही कार्य की मांग करने पर यदि कार्य उपलब्ध नहीं होता है, तो भत्ता दिए जाने का प्रावधान भी ग्रामीणों के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में लागू किया गया है।
कार्यक्रम में डबरी निर्माण, तालाब सुदृढ़ीकरण, जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों पर भी चर्चा की गई। योजना के अंतर्गत धान की फसल के पीक सीजन के दौरान 60 दिनों तक सरकारी कार्य स्थगित रखने का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषि कार्यों के समय मजदूरों की कमी नहीं होगी और किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में ही रोजगार उपलब्ध होने, समय पर मजदूरी भुगतान एवं मूलभूत सुविधाएं मिलने से पलायन में कमी आएगी, तथा यह योजना किसानों और मजदूरों दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।

