छत्तीसगढ़

पीएम आवास योजना 2025

सुकमा, 19 दिसंबर 2025/sns/- ग्राम पंचायत रामाराम, विकासखंड सुकमा के निवासी मड़काम सुकड़ा के लिए जीवन कभी संघर्ष और अभावों से भरा रहा। वर्षों तक उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को मजबूर था, जहाँ बरसात में टपकती छत, गर्मियों की तपिश और सर्द रातों की ठिठुरन हर मौसम में नई चुनौतियाँ खड़ी कर देती थीं। सीमित आय के कारण पक्का घर उनके लिए केवल एक सपना था।
पीएम आवास योजना का मिला लाभ
लेकिन वित्तीय वर्ष 2024-25 मड़काम सुकड़ा के जीवन में बदलाव की नई इबारत लेकर आया। जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में शासन की प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्के आवास की स्वीकृति मिली। योजना से प्राप्त सहायता और मनरेगा के तहत मिली मजदूरी के सहयोग से उनका सपना धीरे-धीरे साकार होने लगा। आज वही परिवार, जो कभी असुरक्षा के साए में रहता था, अब एक मजबूत और सुरक्षित पक्के मकान में सम्मानपूर्वक जीवन जी रहा है।
सरकारी योजनाओं से मिला संबल
आवास के साथ-साथ शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं ने मड़काम सुकड़ा के जीवन को नई स्थिरता और भरोसा दिया। राशन कार्ड से परिवार को नियमित खाद्यान्न उपलब्ध हुआ। आयुष्मान भारत कार्ड से स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई। महतारी वंदन योजना से नियमित आर्थिक सहायता मिलने लगी। उज्ज्वला योजना के तहत स्वच्छ रसोई गैस कनेक्शन मिला, जिससे धुएं से मुक्ति मिली। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण से स्वच्छता और गरिमा बढ़ी। श्रम कार्ड से श्रमिक हितकारी योजनाओं का लाभ मिला। मनरेगा से रोजगार का भरोसा और आय का सहारा मिला।
सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया सवेरा
आज मड़काम सुकड़ा का पक्का घर केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है। बच्चों को पढ़ाई के लिए सुरक्षित वातावरण मिला है और पूरे परिवार के चेहरे पर संतोष व मुस्कान साफ झलकती है।
शासकीय योजनाओं से मिला संबल
मड़काम सुकड़ा की यह कहानी इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब सरकारी योजनाएँ सही पात्र तक पहुँचती हैं, तो वे केवल घर नहीं बनातीं, बल्कि ज़िंदगियाँ संवारती हैं। यह कहानी उन सभी परिवारों के लिए प्रेरणा है, जो आज भी बेहतर कल की उम्मीद में संघर्ष कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *