छत्तीसगढ़

‘पूना मारगेम’ पहल के तहत 10 माओवादी कैडर मुख्यधारा से जुड़े हथियारों के साथ आत्म समर्पण 33 लाख के इनामी नक्सली हुए पुनर्वासित

सुकमा, 13 दिसंबर 2025/sns/-छत्तीसगढ़ शासन और भारत सरकार की पुनर्वास नीति “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” ने आज एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की। जिले में 10 सक्रिय माओवादी कैडरों जिनमें 6 महिलाएँ भी शामिल हैं ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इन माओवादियों ने सुरक्षा बलों के सामने AK-47, दो SLR राइफलें, एक .303 राइफल, एक BGL लॉन्चर और एक स्टेन गन सहित कई हथियार जमा किए, जिन पर 8 लाख रुपये का इनाम था। अधिकारियों के अनुसार यह कदम क्षेत्र में शांति और विश्वास की बढ़ती वातावरण का प्रतीक है।
कौन-कौन शामिल हुए आत्मसमर्पण करने वालों में
आज पुनर्वासित कैडरों में माओवादी संगठन के कई महत्त्वपूर्ण सदस्य शामिल हैं जिनमें पीएलजीए बटालियन-01 का प्लाटून कमांडर, दरबा डिवीजन के 2 एरिया कमेटी सदस्य, पीएलजीए प्लाटून 31 और 26 के 2 पीपीसीएम, गोल्लापल्ली LOS के 2 सदस्य और 3 पार्टी सदस्य शामिल हैं। सभी 10 कैडरों ने शांति और विकास का मार्ग अपनाने की सार्वजनिक रूप से घोषणा की।
जनविश्वास बढ़ा, माओवादी सरेंडर में रफ्तार-एसपी सुकमा
सुकमा के पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण ने बताया कि
आज कुल 10 सक्रिय व इनामी माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे हैं। वर्ष 2025 में अब तक जिले में 263 माओवादी हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।
माओवादी विचारधारा का अंत निकट-आइजी बस्तर सुन्दरराज पी
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पत्तिलिंगम ने कहा,
सुकमा में कैडरों का इस तरह मुख्यधारा में लौटना दर्शाता है कि माओवादी हिंसा व उनकी जनविरोधी सोच अब समाप्ति की ओर है। लोग ‘पूना मारगेम’ पहल पर भरोसा कर रहे हैं और सम्मानजनक, स्थायी भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। बीते 11 महीनों में बस्तर रेंज में 1514 से अधिक माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि देवजी, पाप्पा राव, देवा सहित शेष वरिष्ठ माओवादी कैडरों के पास अब भी आत्मसमर्पण ही एकमात्र विकल्प है।
वायान वाटिकाः आशा और पुनर्जीवन का प्रतीक
आज आयोजित आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास कार्यक्रम के दौरान पुनर्वासित कैडरों ने “वायान वाटिका” में पौधारोपण किया।
“वायान” का गोंडी भाषा में अर्थ हैकृ‘आशा और भविष्य की बगिया’। स्थानीय समुदाय के वरिष्ठजनों की मौजूदगी में इन कैडरों द्वारा लगाए गए पौधे पुनर्जन्म, विश्वास और शांतिपूर्ण भविष्य के प्रतीक के रूप में देखे जा रहे हैं।
कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण, उप महानिरीक्षक, सीआरपीएफ श्री आनंद सिंह सहित बड़ी संख्या में सामाजिक प्रतिनिधि, मीडिया कर्मी, पुलिस अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे।

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