छत्तीसगढ़

वृद्धजनों के अधिकारों पर वृद्धाश्रम में जागरूकता शिविर आयोजित


रायगढ़, 19 नवम्बर 2025/sns/- माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशन में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार जैन के मार्गदर्शन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ न्यायाधीश एवं सचिव श्रीमती अंकिता मुदलियार के नेतृत्व में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के मुख्य प्रावधानों के संबध में वृद्धाश्रम रायगढ़ में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
आयोजित इस जागरूकता शिविर में पैरालिगल वालिंटियर्स के द्वारा वृद्धाश्रम रायगढ़ में उपस्थित वृ़द्धजनों को माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत भरण-पोषण के अधिकार के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए जैसे, वृद्धजन नागरिक निःसहाय अवस्था में भोजन, आवास, दवा, देखभाल और उनके दैनिक आवश्यकताओं के भरण पोषण की मांग इस अधिनियम के तहत कर सकते हैं। इस अधिनियम के तहत वृद्धाश्रम की स्थापना, वृद्धजनों के लिए विशेष प्रावधान होता है। इसकी प्रक्रिया सरल और त्वरित होती है। यह जिला स्तर पर गठित होता है। कोई भी वरिष्ठ नागरिक अपने न्याय के लिए आवेदन कर सकता है।  
उक्त शिविर में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के विपरीत आदेश का पालन न करने पर दंड के विषय में बताते हुए आदेश का पालन न करने पर संतान व वारिस को तीन महीने तक का कारावास हो सकता है और तब तक कारावास की सीमा रहेगा जब तक कि जमानत राशि न भरी जावे। इसके साथ-साथ संतान यदि अपने माता-पिता या वृद्धजन नागरिक को छोड़ देता है तो उन पर कानूनी कार्यवाही संभव होती है। साथ ही चिकित्सीय देख-रेख के बारे में बताते हुए सभी वरिष्ठ नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में सरकार द्वारा पूर्णतः गंभीर बीमारियों का ईलाज निःशुल्क किया जाएगा। आगे इसी अनुक्रम में इस अधिनियम के तहत वृद्धजनों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करता है परिवार में जिम्मेदारी और सम्मान की भावना बनाए रखता है। और सबसे बड़ी बात वृद्धजनों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। शिविर कार्यक्रम वृद्धाश्रम रायगढ़ में वृद्धजन महिला एवं पुरूष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालिगल वालिंटियर्स-हरीश षडंगी, आयुष देवांगन, रश्मि बेहरा एवं वृहस्पति सिदार उपस्थित रहे।

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