छत्तीसगढ़

वनांचल व दुर्गम क्षेत्रों तक सभी शैक्षणिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता– उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

कवर्धा, 17 नवंबर 2025/sns/- सुदूर वनांचल क्षेत्र के शैक्षणिक भविष्य को नई दिशा देने की ऐतिहासिक पहल करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज रेंगाखार कला में 2 करोड़ 71 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले 100 सीटर बालक छात्रावास निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया। दूरस्थ और जनजातीय अंचलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुदृढ़ करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का यह एक और महत्वपूर्ण कदम है। 

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वनांचल व दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों तक सभी शैक्षणिक सुविधाएँ बिना किसी भेदभाव के पहुँचे। उन्होंने कहा कि 100 सीटर यह आधुनिक छात्रावास विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ तथा अनुशासित वातावरण उपलब्ध कराएगा, जिससे उनकी शिक्षा में निरंतरता और गुणवत्तापूर्ण सुधार सुनिश्चित होगा। भूमिपूजन कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, जनप्रतिनिधि , गणमान्य नागरिक, ग्रामीण, अधिकारी-कर्मचारी की उपस्थिति रही। 

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि रेंगाखार जैसे वनांचल क्षेत्रों के बच्चे अक्सर लंबी दूरी तय कर विद्यालय पहुँचते हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। छात्रावास का निर्माण उनके लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। इस भवन में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, स्टडी रूम, सुरक्षा प्रबंधन, स्वच्छ शौचालय, आवासीय सुविधा जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। श्री शर्मा ने निर्माण एजेंसी को निर्दिष्ट समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। छात्रावास में 20 रूम, 3 हॉल, डाइनिंग, किचन, स्टोर रूम, मेडिकल रूम, वार्डन रूम सहित अन्य सुविधा उपलब्ध रहेगी।

कार्यक्रम में उपस्थित स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने कहा कि यह छात्रावास क्षेत्र के बच्चों के लिए लंबे समय से अत्यंत आवश्यक था। इसके निर्माण से न केवल शैक्षणिक सुविधा बढ़ेगी, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में भी एक महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह पहल वनांचल क्षेत्र के समग्र विकास व शिक्षा सुदृढ़ीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

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