सुकमा, 03 नवम्बर 2025/sns/- नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बीच से उठी यह कहानी उम्मीद, साहस और परिवर्तन की मिसाल है। कभी भय और असुरक्षा में घिरी रहने वाली श्रीमती मड़कम गंगी, जो कभी नक्सल गतिविधियों से जुड़ी रहीं, आज प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की बदौलत सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जी रही हैं। श्रीमती गंगी का जीवन जंगलों की अंधेरी राहों से गुजरता हुआ अब उजाले की नई दिशा में बढ़ चला है। सितंबर 2014 में आत्मसमर्पण कर उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने का साहसिक निर्णय लिया। शासन की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें सुरक्षा, सम्मान और नई पहचान दी।
प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित ठिकाना
कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में वर्ष 2024-25 में “विशेष परियोजना” के तहत श्रीमती गंगी का सर्वे ‘आवास प्लस (विशेष)’ ऐप से किया गया। गृह विभाग से प्राप्त सूची के अनुसार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पक्का आवास स्वीकृत किया। पहाड़ी और नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने से निर्माण सामग्री पहुँचाना एक बड़ी चुनौती थी। फिर भी शासन-प्रशासन की सतत निगरानी और गंगी की दृढ़ इच्छाशक्ति ने इस कठिन कार्य को संभव बना दिया।
श्रम, संकल्प और सहयोग से साकार हुआ सपना
श्रीमती गंगी ने अपने घर के निर्माण में स्वयं श्रमदान किया। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से आर्थिक सहायता के साथ स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय निर्माण हेतु सहयोग और मनरेगा से मजदूरी भी प्राप्त हुई। आज उनका घर सिर्फ ईंट और गारे का ढांचा नहीं, बल्कि उनके नए जीवन की कहानी कहता है।
हितग्राही श्रीमती गंगी की भावनाएँ
पहले हम जंगलों में भय के साये में जीते थे। आत्मसमर्पण के बाद शासन ने हमें नया जीवन दिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने हमें एक सुरक्षित और सम्मानजनक घर दिया जो मेरे परिवार के लिए नई शुरुआत है। आज मैं निडर होकर अपने घर में रहती हूँ और अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित देख पा रही हूँ।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार
श्रीमती मड़कम गंगी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील नीतियों ने मेरे जैसे नक्सल प्रभावित लोगों को फिर से जीवन जीने की ताकत दी। यह घर मेरे लिए सिर्फ मकान नहीं, बल्कि शांति, सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने मेरे जीवन में सचमुच उजाला लाया है।


