छत्तीसगढ़

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की झांकी में नाड़ी वैद्य से ले रहे प्राकृतिक उपचार की सलाह

राज्योत्सव छत्तीसगढ़:

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की झांकी में नाड़ी वैद्य से ले रहे प्राकृतिक उपचार की सलाह

रायपुर, 02 नवंबर 2025 – छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रदर्शनी में लोगों को धमतरी जिले के नगरी तहसील से आए नाड़ी वैद्य श्री दशरथ नेताम से लोग नाड़ी परीक्षण कराकर आयुर्वेदिक उपचार एवं प्राकृतिक उपचार की सलाह एवं औषधि प्राप्त कर रहे हैं।

नाड़ी वैद्य की विशेषज्ञता

  नाड़ी वैद्य श्री दशरथ नेताम ने बताया कि वे विभिन्न तरह के 150 गंभीर बीमारियों जैसे लकवा, बाँझपन, ब्लड शुगर, साइटिका, बवासीर, गंजापन आदि का जड़ी बूटी से इलाज करते हैं। 

जड़ी बूटियों से इलाज परंपरागत पेशा

श्री नेताम  ने यह उपचार का तरीका एवं जड़ी बूटियों की पहचान अपने पूर्वजों से सीखी है। जड़ी बूटियों से इलाज उनका परंपरागत पेशा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक तरीके से जड़ी बूटियों के इलाज से शरीर पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है, इसके लिए जन जागरूकता की आवश्यकता है।

प्रदर्शनी की विशेषताएं

वनस्पति एवं पशु पक्षियों के जैव विविधता का मॉडल

  वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रदर्शनी में अचानक मार्ग रिजर्व फॉरेस्ट को जीवंत प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा वनस्पति एवं पशु पक्षियों में जैव विविधता को भी मॉडल के माध्यम से समझाने का प्रयास किया जा रहा है। संजीवनी द्वारा तैयार किए गए औषधीय का प्रदर्शन एवं वितरण भी किया जा रहा है।

प्राकृतिक उपचार के तरीकों की जानकारी मिल रहा है लोगों को

   दुर्ग जिले के ग्राम अमलेश्वर से श्री किशोर सिंह ने बताया कि राज्योत्सव के माध्यम से हमें वनस्पतियों के जैव विविधता और प्राकृतिक उपचार के तरीकों की जानकारी मिल रही है। साथ ही हमारे आसपास के वनस्पतियों की औषधि गुणों की जानकारी मिली है, यह हम सबके लिए बहुत ही उपयोगी होगा और आगे चलकर जड़ी बुटी की औषधि के माध्यम से वैद्य से प्राकृतिक ईलाज कराया जा सकता है l

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