सुकमा, 13 अक्टूबर 2025/sns/-कलेक्टर सह-अध्यक्ष, जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सुकमा श्री मुकुन्द ठाकुर एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री शिवदास नेताम के मार्गदर्शन में जिले को बाल विवाह मुक्त सुकमा घोषित किए जाने के उद्देश्य से लगातार जनजागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज नगर पंचायत दोरनापाल के सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर पंचायत दोरनापाल की अध्यक्ष श्रीमती राधा मंडावी नायक, उपाध्यक्ष श्री धर्मेंद्र भदौरिया, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) दोरनापाल श्री सुभाष शुक्ला, मुख्य नगर पालिका अधिकारी दोरनापाल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री जितेन्द्र सिंह सहित नगर पंचायत के सभी वार्ड पार्षद, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। प्रशिक्षण सत्र में मिशन वात्सल्य, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर प्रतिभागियों को बाल विवाह मुक्त सुकमा की शपथ दिलाई गई तथा नगर पंचायत दोरनापाल को बाल विवाह मुक्त नगर पंचायत घोषित करने हेतु प्रस्ताव पारित करने का अनुरोध किया गया।
कार्यक्रम में अध्यक्ष श्रीमती राधा मंडावी नायक ने नगर के सभी वार्डों में बाल विवाह रोकथाम के विषय में सक्रिय जनजागरूकता एवं निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि वर्ष 2025 के दिसंबर माह तक सुकमा जिले की 64 ग्राम पंचायतों एवं एक नगरीय निकाय को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाए, ताकि प्रत्येक बालक-बालिका को सुरक्षित एवं सशक्त वातावरण मिल सके।

