छत्तीसगढ़

कलेक्टर श्री विलास भोसकर की अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री समिति (डीसीसी) की बैठक सम्पन्न


अम्बिकापुर, 10 अक्टूबर 2025/sns/-  जिला परामर्शदात्री समिति (डीसीसी) की बैठक मंगलवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री  विलास भोसकर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में  जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल  उपस्थित रहे। बैठक में बताया गया कि जिले में गत तिमाही के दौरान दो नई बैंक शाखाओं का संचालन प्रारंभ किया गया है। साथ ही जिले का ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) 46.48 प्रतिशत से बढ़कर 52.25 प्रतिशत हो गया है। कृषि, एमएसएमई एवं आवास ऋण में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है, जो जिले की आर्थिक प्रगति का संकेतक है। कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने बैठक में ऋण-जमा अनुपात को 60 प्रतिशत तक पहुंचाने हेतु गुणवत्तापूर्ण ऋण वितरण (क्वालिटी एडवान्सेस) पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए। अग्रणी जिला प्रबंधक श्री दीपेन्द्र यादव द्वारा डीपोजिटर एजुकेशन एण्ड अवेयरनेस फण्ड (डीईएएफ) तथा सामाजिक सुरक्षा एवं जनधन योजनाओं के अंतर्गत 31 अक्टूबर 2025 तक चलाए जा रहे विशेष अभियान की जानकारी दी गई। इस दौरान बताया गया कि जिले के वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत प्रथम तिमाही में 986.55 करोड़ रुपये का निष्पादन हुआ, जो कुल लक्ष्य का 35.05 प्रतिशत है। इस वर्ष योजना को शत प्रतिशत से अधिक प्राप्त करने हेतु कलेक्टर श्री भोसकर द्वारा निर्देशित किया गया। उन्होंने एनपीए खातों में वसूली हेतु सारफेसी अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए संबंधित तहसीलदारों को त्वरित रूप से कब्जे की कार्रवाई करने हेतु पत्र जारी करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ श्री विनय अग्रवाल द्वारा फार्मर प्रोडयूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) के वित्तपोषण पर विशेष ध्यान देने हेतु निर्देश दिए। इसके साथ ही पिछले वर्ष पीएमजेजेबीवाई के 65 एवं पीएमएसबीवाई के 15 दावों का निस्तारण किया गया, जबकि इस वर्ष अभी तक 11 व 1 दावे का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण तथा प्रतिसमूह ऋण राशि को बढ़ाने एवं एंटरप्राइज फाइनेंसिंग के अधिकतम मामलों का निपटान करने के लिए भी निर्देश दिए।

बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक से श्री विनय तिवारी, अग्रणी जिला प्रबंधक श्री दीपेन्द्र यादव, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री अनुपम तिवारी, जिले के सभी बैंकों के नोडल अधिकारी सहित सभी ऋण प्रायोजित विभाग जैसे एनआरएलम, डीआईसी, केवीआईबी, आदिवासी विकास विभाग, पशु चिकित्सा एवं मत्स्य विभाग, आरसेटी तथा सीएफएल के अधिकारी उपस्थित रहे।

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