छत्तीसगढ़

जिले के अंतिम छोर के सपनई के स्कूलों को युक्ति युक्तकरण से मिले 7 शिक्षक एक गांव में शिक्षक बढऩे से 7 गांवों को मिलेगा लाभ



रायगढ़, 12 सितम्बर 2025/sns/- रायगढ़ जिले की ओडिशा सीमा पर बसा आखिरी गांव है सपनई। बीते दिनों स्कूल शिक्षा विभाग में हुए युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया ने इस स्कूल का माहौल बदल दिया है। यहां प्राइमरी से लेकर हाई स्कूल तक की कक्षाएं लगती हैं। पहले तीनों स्कूल मिलाकर यहां सिर्फ 5 शिक्षक थे। जिससे सभी कक्षाएं अच्छे से संचालित नहीं हो पाती थी। बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा था। हाई स्कूल में सब्जेक्ट टीचर्स की कमी से विषय पर पकड़ बनाने में कठिनाई आ रही थी। युक्तियुक्तकरण से अब यहां तीनों स्कूलों में मिलाकर 07 अतिरिक्त शिक्षकों की पोस्टिंग की गई है। यहां हाई स्कूल में पहले सिर्फ 02 टीचर थे अब यहां 03 नए शिक्षक विज्ञान, इंग्लिश और सामाजिक विज्ञान के लिए आ गए हैं, जिससे अब यहां हाई स्कूल में 05 शिक्षक हो गए हैं। वहीं मिडिल स्कूल में जहां सिर्फ 01 शिक्षक थे वहीं 03 नए शिक्षक आने से यहां अब कुल 04 शिक्षक मिडिल स्कूल की क्लास ले रहे हैं। प्राइमरी स्कूल में भी 01 शिक्षक की पोस्टिंग से शिक्षकों की संख्या बढ़कर 03 हो गई है।
युक्तियुक्तकरण ने अब स्कूल के बच्चों में नए उत्साह का संचार किया है। कक्षा दसवीं की छात्रा नंदिनी चौहान कहती हैं कि पहले विज्ञान विषय के शिक्षक नहीं थे, तो विषय से जुड़े कॉन्सेप्ट्स को समझने में परेशानी होती थी। लेकिन अब विज्ञान विषय सरलता से समझ आता है। कांसेप्ट क्लियर होने से याद करने में भी दिक्कत नहीं होती। वहीं सिमरन चौहान के लिए अब अंग्रेजी विषय कठिन नहीं रह गया है। इंग्लिश के टीचर आने से पढ़ाई नियमित और अच्छी हो रही है। वो कहती हैं कि उदाहरण के साथ ग्रामर पढऩे से अंग्रेजी के विषय में रुचि बढ़ी है।
एक गांव में शिक्षक बढऩे से 7 गांवों को मिलेगा लाभ
गांव के सरपंच श्री मदन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार की इस पहल ने सपनई सहित आस-पास के करीब 7 गांवों के छात्रों में भविष्य को सुदृढ़ करने का काम किया है। उन्होंने बताया कि यहां सपनई के साथ आस-पास के गांवों देवबहाल, झारगुड़ा, अड़बहाल, निरंजनपुर, बलभद्रपुर और सराईपाली के बच्चे यहां पढऩे आते हैं। रायगढ़ की सीमा से लगे होने के कारण यहां शिक्षकों की पदस्थापना बहुत जरूरी हो गई थी। केवल 5 शिक्षकों के भरोसे स्कूल का संचालन कठिन हो रहा था। अब 7 नए टीचर्स के आने से स्कूल में पढ़ाई-लिखाई बेहतर हुई है। कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति भी बढ़ी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *