छत्तीसगढ़

जनजातीय विकास के लिये ‘आदि कर्मयोगी’ अभियान का हुआ शुभारंभ


रायगढ़, 04 सितम्बर 2025/sns/- जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ का शुभारंभ 10 जुलाई 2025 को किया गया। यह अभियान कैडर आधारित मॉडल एवं अंतर विभागीय अभिसरण पर आधारित है जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तरदायी शासन एवं योजना निर्माण को संस्थागत रुप देने तथा आदिवासी क्षेत्र में अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। इस अभियान अंतर्गत 28 जिलों के 128 विकासखण्डों के 6650 आदिवासी बाहुल्य ग्रामों का चयन किया गया है।
अभियान अंतर्गत रायगढ़ जिले के 07 विकासखण्डों के 316 आदिवासी बाहुल्य ग्रामों का चयन किया गया है। जिला स्तर पर चयनित मास्टर टे्रनर्स का राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण ( राज्य स्तरीय प्रक्रिया प्रयोगशाला ) का आयोजन 11 अगस्त से 14 अगस्त 2025 तक रायपुर स्थित होटल बेबीलोन इन में सम्पन्न हुआ था। जिला स्तरीय प्रयोगशाला का आयोजन कलेक्टर की अध्यक्षता में 04 से 06 सितम्बर 2025 तक ईडन गार्डन, बोईरदादर में किया जा रहा है जिसमें जिले के विभिन्न विकासखण्डों से 79 चयनित ब्लॉक स्तरीय मास्टर टे्रनर्स को राज्य स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा तीन दिनों तक आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके उपरांत 9 से 13 सितम्बर के बीच ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण एवं 15 से 30 सितम्बर तक ग्राम स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक चिन्हांकित ग्राम में न्यूनतम 20 व्यक्तियों का कैडर तैयार किया जाएगा जो कि ग्राम के सचिव, पंच, स्व सहायता समूह, वन अधिकार समिति, जनजातियों के कल्याण उत्थान हेतु कार्यरत संस्था/संगठन/युवा और स्थानीय समुदाय के लोगों को सम्मिलित किया जाएगा।
चिन्हांकित आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में आवास, सड़क, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि के लिये क्रिटिकल गैप को चिन्हांकित कर इस अभियान अंतर्गत जिला स्तर पर आदि कर्मयोगी, ब्लॉक स्तर पर आदि सहयोगी एवं ग्राम स्तर पर आदिसाथी के माध्यम से संतृप्तिकरण का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान अंतर्गत चिन्हांकित ग्रामों में ‘आदि सेवा केन्द्र’ की स्थापना की जाएगी। इस सेवा केन्द्र से विभिन्न शासकीय सेवाओं को प्रदान किया जाएगा। इस अभियान अंतर्गत सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी सेवा अभियान का आयोजन 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2025 तक किया जाना है जिसका उद्देश्य सेवा समर्पण एवं सुशासन की भावना के साथ जमीनी स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सशक्त कर नेतृत्व क्षमता को बढ़ाना एवं सेवाओं की प्रदायगी को सशक्त करना है।

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