अम्बिकापुर, 02 अगस्त 2025/sns/- संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में शुक्रवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में अपर कलेक्टर श्री सुनिल कुमार नायक, कोष लेखा एवं पेंशन के सयुक्त संचालक श्री पी.आर. महादेवा उपस्थित रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी सुश्री अंकिता सिंह ने लंबित पेंशन प्रकरणों की जानकारी देते हुए बताया कि संयुक्त संचालक स्तर से आपत्ति कर सुधार हेतु डीडीओ को 22 तथा कोषालय से 31 प्रकरण भेजे गए हैं। अपर कलेक्टर श्री नायक ने कहा कि शासकीय सेवक की सेवा निवृत्ति पर उसके पेंशन एवं अन्य पेंशनरी दायित्वों का शीघ्र भुगतान किया जाना चाहिए। नवम्बर 2004 से मार्च 2022 के मध्य सेवानिवृत्त होने वाले तथा पुरानी पेंशन योजना का ऑप्शन लेने वाले शासकीय सेवकों को नियमानुसार भुगतान निर्धारित समय सीमा में करने तथा आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को कार्यशाला में प्रक्रिया संबंधी प्रशिक्षण प्राप्त कर प्राथमिकता से पेंशन प्रकरणों का निराकरण करने कहा गया।
कार्यशाला में संयुक्त संचालक श्री पी.आर. महादेवा ने लंबित पेंशन प्रकरणों की विभागवार विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवक के सेवानिवृत्ति तिथि के कम से कम दो माह पूर्व संबंधित का पेंशन प्रकरण तैयार कर ऑनलाईन संयुक्त संचालक कार्यालय को प्रेषित करना सुनिश्चित करें, जिससे लगाई गई आपत्तियों के निराकरण में पर्याप्त समय मिलने तथा सेवानिवृति की तिथि पर ही पेंशन एवं उपादान भुगतान आदेश जारी करने में आसानी होगी। आगामी 02 माहों में सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरण तत्काल तैयार कर भेजने तथा ऑनलाईन पेंशन मैनेजमेंट सिस्टम “आभार आपकी सेवाओं“ में लंबित दर्शाए गए पेंशन प्रकरणों के लंबित होने के कारणों को शीघ्रता से पोर्टल में अपडेट करने निर्देश दिए गए। इस दौरान पावर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से ईडब्ल्यूआर, ईआरम तथा अन्य पेंशन प्रकरणों को निराकृत करने की प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी सहायक प्रोग्रामर विनोद कुमार सिंह तथा मनोज कुमार शर्मा द्वारा दी गई। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी द्वारा सामान्य भविष्य निधि के ऋणात्मक शेष प्रकरणों की जानकारी देते हुए जीवित प्रकरणों में जीपीएएफ कटौती बढ़ाते हुए आवश्यक समायोजन तथा मृत्यु एवं जीपीएफ पास बुक गुम हो जाने की स्थिति में संबंधित शासकीय सेवक के नामिनी की ओर से तदाशय का शपथ पत्र प्राप्त एवं सत्यापित कर महालेखाकार छ.ग. रायपुर को उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया। कार्यशाला में सहायक कोषालय अधिकारी प्रकाश कश्यप सहित विभिन्न विभागों के आहरण-संवितरण अधिकारी एवं उनके प्रतिनिधि उपस्थित थे।


