बलौदाबाजार भाटापारा, 18 जुलाई 2025/sns/- जिले के भाटापारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत धनेली में ग्रामीण विकास और जल संरक्षण क़ी दिशा में बेहतर कार्य किया गया है। मनरेगा योजना के अंतर्गत यहां छोटे तालाब का गहरीकरण एवं पचरी निर्माण का कार्य न सिर्फ ग्रामीणों की ज़रूरत बना, बल्कि महिलाओं के लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का नया अवसर भी मिला है। तालाब का गहरीकरण होने से समूह क़ी महिलाएं मछलीपालन कऱ स्वरोजगार की ओर अग्रसर हुई।
धनेली तालाब का एक हिस्सा वर्षों से उपेक्षित था। उसमें गाद भर चुकी थी, जिससे जल संग्रहण क्षमता घट गई थी। इससे किसानों को सिंचाई में परेशानी होती थी और गर्मियों में जल संकट विकराल रूप ले लेता था। ऐसे में गांव के लोगों की मांग पर पंचायत द्वारा तालाब क़ी गहरीकरण के साथ-साथ उसके एक किनारे पचरी निर्माण का प्रस्ताव रखा गया ताकि वर्षाजल को संरक्षित रखा जा सके और ग्रामीणों को लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके। इस कार्य में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। उन्होंने न सिर्फ निर्माण कार्य में श्रमदान किया, बल्कि कार्यस्थल पर स्वच्छता, निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी भी संभाली। इससे उन्हें रोजगार मिला, आत्मविश्वास बढ़ा और वे ग्राम विकास की भागीदार बनीं। पहले जहां तालाब में करीब 800-900 घन मीटर जल भराव होता था, अब वह बढ़कर 1500 घन मीटर तक पहुंच गया है। तालाब गहरीकरण से गांव के करीब 20 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई संभव हो पाई है। साथ ही मछली पालन जैसी गतिविधियों की संभावनाएं भी खुल गई हैं, जिससे ग्रामीणों की आय में इजाफा हुआ है।


