छत्तीसगढ़

माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के द्वारा संप्रेक्षण गृह, नूतन चौक सरकंडा एवं शासकीय मूक बधिर स्कूल तिफरा का औचक निरीक्षण किया गया

माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के द्वारा संप्रेक्षण गृह, नूतन चौक सरकंडा एवं शासकीय मूक बधिर स्कूल तिफरा का औचक निरीक्षण किया गया

बिलासपुर 13.07.2025/ माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के द्वारा संप्रेक्षण गृह नूतन चौक सरकंडा एवं शासकीय मूक बधिर स्कूल तिफरा का औचक निरीक्षण किया गया।

माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के द्वारा सर्वप्रथम संप्रेक्षण गृह नूतन चौक सरकंडा में प्रत्येक कक्ष का निरीक्षण किया गया, भवन में बारीश के कारण शीलन निर्मित होने से त्वरित आवश्यक मरम्मत एवं नवीनीकरण के निर्देश दिये, इसके अतिरिक्त रसोई सुविधा, रोशनी व्यवस्था का निरीक्षण कर शौचालय में टाईल्स बदलने एवं खिडकियों की जाली बदलने के साथ-साथ उचित स्वच्छता मानकों के अनुरूप रखे जाने हेतु संबंधित अधिकारीगण को निर्देशित किया गया। माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय के द्वारा किशोर न्याय बोर्ड के लंबित प्रकरणों की जानकारी ली गई एवं किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट को पुराने प्रकरणों को शीघ्र निराकरण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

इसके पश्चात माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय द्वारा शासकीय मूक बधिर स्कूल तिफरा का निरीक्षण किया गया एवं बच्चों से मिलकर भोजन व्यवस्था एवं चिकित्सा सुविधा की जानकारी ली गई। माननीय मुख्य न्यायाधीश द्वारा सप्ताह में एक बार विशेषज्ञ चिकित्सक की ड्यूटी स्वास्थ्य परीक्षण हेतु लगाये जाने हेतु निर्देशित किया गया। स्कूल भवन की स्थिति को देखते हुए उचित मरम्मत एवं रखरखाव के साथ रसोई एवं शौचालय में साफ-सफाई एवं प्रकाश की उचित व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्रार न्यायिक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, पी.पी.एस एवं प्रोटोकॉल अधिकारी भी उपस्थित थे।

यह उल्लेखनीय है कि माननीय श्री मुख्य न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा उच्च न्यायालय बिलासपुर में पदभार ग्रहण करने के पश्चात राज्य के सभी जिला एवं सत्र न्यायालय, केन्द्रीय जेल, बाल संप्रेक्षण गृह, दिव्यांग बच्चों हेतु स्थापित आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण कर अधोसंरचना एवं सुविधाओं का मूल्यांकन किया जाता रहा है, इस दौरान वे विशेष रूप से अधोसंरचना, स्वच्छता, स्वास्थ्य मानकों एवं किशोर व बालिकाओं के अधिकारों पर ध्यान देते हैं, उनसे सीधे बातचीत कर उनकी जरूरतों और चुनौतियों को समझते हैं जिससे यह स्पष्ट संदेश प्राप्त हुआ है कि न्यायिक अधिकारों की रक्षा केवल न्यायिक कार्यवाही तक सीमित नहीं है अपितु सुविधा युक्त आवास, गुणवक्ता युक्त भोजन, स्वास्थ्य सेवा उपचार जैसी मूलभूत सुविधाओं की प्राप्ति सुनिश्चित किया जाना भी है। माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय के औचक निरीक्षण से अधोसंरचना में वृद्धि के साथ-साथ स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं मूलभूत सुविधा मे प्रभावशाली बदलाव देखने को मिला है।

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