छत्तीसगढ़

जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों पंचायत सचिवों एवं सुपरवाइजरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

कवर्धा, 19 जून 2025/sns/- जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई की रोकथाम और इसके पूर्ण उन्मूलन के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों, पंचायत सचिवों, आंगनबाड़ी सेक्टर सुपरवाइजरों सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण सत्र में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधान, बच्चों के अधिकार, प्राथमिक सूचना की संवेदनशीलता, प्रभावी निगरानी प्रणाली, त्वरित प्रतिक्रिया प्रक्रिया तथा समुदाय आधारित हस्तक्षेपों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बोड़ला ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने की दिशा में पंचायत सचिवों, जनप्रतिनिधियों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर यदि सभी लोग जागरूक और सतर्क रहें तो बाल विवाह जैसी कुरीति को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने कहा कि पंचायत सचिव और सुपरवाइजर की सक्रियता और सजगता से समय पर बाल विवाह जैसी घटनाओं की जानकारी मिलती है तथा त्वरित कार्यवाही संभव हो पाती है। उन्होंने बाल विवाह की शिकायत मिलने पर संवेदनशीलता, गोपनीयता और तत्परता बरतने की अपील की। बाल विकास परियोजना बोड़ला के परियोजना अधिकारी ने केस स्टडी, समूह चर्चा और प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से सीखना और प्रतिक्रिया देना ही प्रभावी रोकथाम का सबसे सशक्त माध्यम है। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्र में बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने, त्वरित निगरानी रखने और समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सभी प्रतिभागियों ने सराहना की और इसे अत्यंत उपयोगी बताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *