छत्तीसगढ़

अवैध परिवहन पर वन विभाग की कार्रवाई, 16 नग साल चिरान एवं 27 नग सागौन चिरान जप्त


अंबिकापुर, 23 फरवरी 2026/SNS/-   वनमण्डलाधिकारी सरगुजा वनमण्डल श्री अभिषेक जोगावत के निर्देशानुसार जिले में अवैध कटाई, अवैध परिवहन के प्रभावी नियंत्रण हेतु वनकर्मचारियों द्वारा रात्रि गश्ती, वनोपज नाका जांच लगातार जारी है।

इसी कड़ी में वनकर्मचारियों को वन परिक्षेत्र लुण्ड्रा के परिक्षेत्र सहायक वृत्त चेन्द्रा में सागौन की अवैध कटाई कर परिवहन की सूचना प्राप्त होने पर रविवार को  वन कर्मचारियों द्वारा नाकाबंदी कर दरिमा चौक में वाहनों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान चेन्द्रा की ओर से आ रही पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, वाहन चालक द्वारा  वाहन न रोके जाने पर वन परिक्षेत्र लखनपुर के वन कर्मचारियों को सूचना दी गई जिस पर लखनपुर परिक्षेत्र के कर्मचारियों द्वारा वाहन को घेराबंदी कर ग्राम लोसगा के पास पकड़ा गया। वाहन चालक द्वारा वाहन में लोड सागौन चिरान के परिवहन के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखाने पर वन परिक्षेत्र लखनपुर, वन परिक्षेत्र लुण्ड्रा एवं उड़दस्ता दल के कर्मचारियों द्वारा वाहन की जप्ती कर वन अपराध पंजीबद्ध करते हुए अम्बिकापुर काष्ठागार परिसर में रखा गया। वाहन में सागौन चिरान 27 नग लोड पाया गया, मय वाहन अनुमानित कीमत राशि तीन लाख रुपए है। वाहन मय काष्ठ को भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 (1) ड. 26 (1) छ. एवं वन उपज व्यापार अधिनियम 1969 की धारा 5 (1) अन्तर्गत वन अपराध प्रकरण (P.O.R) क्रमांक 20575/11 दिनांक 23 फरवरी 2026 पंजीबद्ध कर राजसात की कार्यवाही की जा रही है। कार्यवाही में वनक्षेत्रपाल श्री रामनिवास दहायत, उप वनक्षेत्रपाल श्री रामेश्वर लकड़ा तथा वनपाल वनरक्षक श्री संजय तिर्की,  श्री दिनेश तिवारी, श्री राजेश कुमार खेस एवं शोभनाथ बड़ा शामिल रहे।

इसी प्रकार रविवार को वन परिक्षेत्र उदयपुर के वन कर्मचारियों द्वारा रात्रि गश्ती  के दौरान ग्राम घाटबर्रा के सुसकम रोड में गिद्दमुड़ी कि तरफ से आ रही वाहन अशोक लेलैण्ड क्रमांक CG 15 DY 6238 की  जांच  के दौरान धान भूसी बोरा के नीचे 16 नग साल चिरान 0.476 घ.मी. वनोपज लोड पाया गया। वाहन में लोड साल चिरान के परिवहन के संबंध में वनोपज के परिवहन संबंधी कोई भी वैध दस्तावेज नहीं पाया गया। वन कर्मचारियों द्वारा वनोपज के अवैध परिवहन होने के कारण भारतीय वन अधिनियम 1927 कि धारा 33 (1) क, धारा 52 (1), धारा 41 एवं छ.ग. वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 की धारा 5 (1) ग के तहत वन अपराध पंजीबद्ध किया गया।कार्यवाही में वनपरिक्षेत्राधिकारी उदयपुर श्री कमलेश कुमार राय, वनपाल परिक्षेत्र सहायक बासेन श्री रामविलास सिंह, वनरक्षक परिसर चकेरी व घाटबर्रा श्री बृजभान सिंह, वनरक्षक बासेन श्री भईयालाल तिर्की, वनरक्षक परोगिया श्री भरत सिंह एवं वनरक्षक पेण्डरखी श्री अजय कुमार पैंकरा शामिल रहे।

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