दुर्ग, 22 फरवरी 2026/sns/- एनटीपीसी-सेल कम्पनी लिमिटेड के निगमित सामाजिक दायित्व (सी.एस.आर.) योजना तथा भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (भारत सरकार का उपक्रम) सहायक उत्पादन केन्द्र प्लॉट नं. 40 एवं 106, औधोगिक क्षेत्र, रिछाई, जबलपुर (म.प्र.) एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वाधान में 20 फरवरी 2026 को जनपद पंचायत दुर्ग छ.ग. के सभागार में दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण हेतु चिन्हांकन/मूल्यांकन तथा परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। उप संचालक समाज कल्याण से मिली जानकारी अनुसार शिविर में 197 हितग्राही सम्मिलित हुए जिसका परीक्षण उपरान्त 153 पात्र हितग्राहियों को सामग्री हेतु चिन्हांकित किया गया है। उक्त चिन्हांकन/मूल्यांकन तथा परीक्षण शिविर में सुश्री प्रिया साहू, सभापति जिला पंचायत दुर्ग, श्री लोमेश चन्द्राकर एवं श्री गोकुल वर्मा, सभापति जनपद पंचायत दुर्ग श्री देवनारायण चन्द्राकर, पार्षद एवं लोक कर्म प्रभारी, नगर पालिक निगम दुर्ग, श्री हितेश देशमुख, विधायक प्रतिनिधि एवं श्री ए.पी. गौतम, उपसंचालक, समाज कल्याण विभाग दुर्ग एवं समाज कल्याण विभाग दुर्ग के अन्य अधिकारी / कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
संबंधित खबरें
जिला न्यायालय दुर्ग में मीडिएशन फॉर द नेशन 2.0 संबंधी महत्वपूर्ण बैठक का सफलता पूर्वक आयोजन
दुर्ग, 06 दिसंबर 2025/sns/- उच्चतम न्यायालय की मीडिएशन एंड कांसिलेशन प्रोजेक्ट कमेटी द्वारा चलाए जा रहे “मीडिएशन फॉर द नेशन 2.0” कार्यक्रम के तहत आज जिला न्यायालय दुर्ग के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग ने की।बैठक का मुख्य उद्देश्य था मीडिएशन (मध्यस्थता) […]
स्वतंत्रता दिवस की तैयारी का किया गया अंतिम रिहर्सल
बीजापुर, 14 अगस्त 2025/sns/ – स्वतंत्रता दिवस का अंतिम रिहर्सल कार्यक्रम मुख्य समारोह स्थल बीजापुर के मिनी स्टेडियम में कलेक्टर श्री संबित मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक श्री डॉ. जितेन्द्र यादव की मौजूदगी में आयोजित हुआ। अंतिम रिहर्सल के दौरान अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुऐ।अंतिम रिहर्सल कार्यक्रम सुबह […]
बंदूक की गूंज से फलों और फूलों की महक तक का सफर
जगदलपुर, 08 नवम्बर 2025/sns/- बस्तर, जो कभी नक्सल की काली छाया और पिछड़ेपन की गहरी खाई में डूबा माना जाता था, आज कृषि के क्षेत्र में एक चमत्कारिक परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। छत्तीसगढ़ के इस आदिवासी बहुल इलाके में अब टमाटर और मिर्च की खेती न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही […]

