सुकमा, 20 फरवरी 2026/sns/-जिले में कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन एवं जिला पंचायत सुकमा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों हेतु तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। 16 फरवरी से प्रारंभ यह प्रशिक्षण 18 फरवरी को जिला पंचायत संसाधन केंद्र, सुकमा में गरिमापूर्ण रूप से संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुकमा एवं छिंदगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता निभाई। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्वों एवं कर्तव्यों, पंचायत राज अधिनियम, पेसा नियम, एलएसजीडी, पीएआई, ओएसआर तथा पंचायती राज व्यवस्था की भूमिका एवं जिम्मेदारियों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही ग्राम सभा की शक्तियों, वित्तीय प्रबंधन, स्थानीय विकास योजनाओं के निर्माण, क्रियान्वयन एवं सतत निगरानी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिनिधियों ने सुकमा में संचालित पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों से संवाद कर उनकी जीवनशैली एवं मुख्यधारा से जुड़ने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त प्रतिनिधियों ने साइंस पार्क सुकमा का अवलोकन किया, जहां विज्ञान से संबंधित विविध गतिविधियों एवं मॉडलों को देखकर वे अत्यंत उत्साहित हुए। इस भ्रमण से प्रतिनिधियों को विकास एवं नवाचार के प्रति नई प्रेरणा मिली।
प्रशिक्षण के अंतिम दिवस उप संचालक पंचायत श्री रविशंकर वर्मा ने जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ ग्रामीण अंचल के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान करते हुए कहा कि पंचायत प्रतिनिधि ही ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं और उनकी सक्रिय, पारदर्शी एवं जवाबदेह भूमिका से ही सशक्त पंचायत और सशक्त भारत का निर्माण संभव है।

