मुंगेली, 07 फरवरी 2026/sns/- पथरिया विकासखण्ड के ग्राम सकेरी की निषाद राज मछुआ सहकारी समिति ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि की ओर कदम बढ़ाया है। समिति के अध्यक्ष श्री भुनेश्वर निषाद के नेतृत्व में 14 सदस्यों द्वारा विगत चार वर्षों से संगठित रूप से मत्स्य पालन का कार्य किया जा रहा है, जिससे न केवल उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि सदस्यों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हुई है। समिति द्वारा मछली पालन कर लगभग 5000 किलोग्राम मत्स्य उत्पादन किया। उत्पादित मछलियों के विक्रय से समिति को लगभग 1.50 लाख रूपए की आय प्राप्त हुई, जिसमें से 01 लाख रूपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया। इस सफलता ने समिति के सदस्यों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
मछली पालन विभाग के सहायक संचालक श्री आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि समिति के कार्यों एवं प्रतिबद्धता को दृष्टिगत रखते हुए मत्स्य विभाग द्वारा उन्हें विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इसके अंतर्गत समिति को आधुनिक जाल, आइस-बॉक्स तथा विभागीय स्तर पर 10 दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया। इसके अतिरिक्त समिति को 03 वर्षीय मछुआ सहकारी समिति अनुदान योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान की गई। साथ ही विभागीय 50 प्रतिशत फिंगरलिंग संचयन योजना के तहत अनुदान पर उच्च गुणवत्ता का मत्स्य बीज उपलब्ध कराया गया, जिसे समिति द्वारा शासकीय पट्टाधारी तालाब में वैज्ञानिक ढंग से संचयित किया गया। संगठित प्रयास, तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग के परिणामस्वरूप यह समिति आज क्षेत्र के अन्य मछुआ समुदायों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी है। यदि विभागीय योजनाओं का सही उपयोग, प्रशिक्षण और सामूहिक प्रयास हो, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।

