छत्तीसगढ़

गृह भेंट कर पौष्टिक आहार और साफ-सफाई की दी जा रही समझाईश


राजनांदगांव, 03 फरवरी 2026/sns/-जिले में कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए पोट्ठ लईका पहल अभियान के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों में पालक चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। शिशुवती माताओं और नन्हे बच्चों का समय पर टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच आंगनबाड़ी केन्द्रों में किया जा रहा है। इसी कड़ी में सुपरवाइजर महिला एवं बाल विकास विभाग ने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सिंघोला के गंभीर कुपोषित बच्चों के गृह भेंट कर स्वास्थ्य के संंबंध में जानकारी ली। उन्होंने गंभीर कुपोषित बच्चों के परिजनों को पौष्टिक आहार एवं साफ-सफाई के संबंध में समझाईश एवं जानकारी दी। सुपरवाईजर ने बच्चों को कुपोषण मुक्त करने के लिए तिरंगा भोजन के रूप में पौष्टिक आहार खाने के लिए प्रेरित किया गया। जिससे बच्चों को प्रोटीन, विटामिन एवं अन्य पोषक तत्वों से भरपूर भोजन मिल सके। उन्होंने अभिभावकों को तिरंगा भोजन के संबंध में जानकारी दी। तिरंगा भोजन में केसरी रंग अंतर्गत दलहन, सोया, अंडा, सफेद रंग चावल, रोटी तथा हरा रंग में हरी सब्जी जैसे पालक, मेथी, मुनगा भाजी एवं अन्य हरी साग-सब्जी का होता है। अपने बच्चों को पौष्टिक भोजन कम से कम 3 बार दिन में खिलाने और 2-3 बार स्वयं भी खाने की सलाह दी।

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