अम्बिकापुर, 23 जनवरी 2026/sns/- खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में संचालित धान उपार्जन केन्द्रों की पारदर्शी एवं तकनीक आधारित व्यवस्था से किसानों को सुविधा मिल रही है। डिजिटल नवाचारों के चलते अब धान विक्रय की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल, सुगम और समयबद्ध हो गई है, जिससे किसानों को राहत मिली है।
ग्राम पंचायत ढ़ाप के किसान श्री सोमार साय ने बताया कि उनके पास कुल 95 क्विंटल धान का उत्पादन है। उन्होंने कहा कि पूर्व में धान उपार्जन केन्द्रों पर किसानों को टोकन, भीड़ और लंबे इंतजार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन शासन द्वारा किसान तुंहर टोकन ऐप की सुविधा शुरू किए जाने से इन समस्याओं का प्रभावी समाधान हुआ है। श्री साय ने घर बैठे मोबाइल के माध्यम से 54 क्विंटल धान का ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया, जिससे उपार्जन केन्द्र में अनावश्यक प्रतीक्षा से बचा जा सका।
श्री साय ने बताया कि मेंड्राकला धान उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही उन्हें गेट पास, नमी परीक्षण तथा बारदाना तत्काल उपलब्ध कराया गया। उपार्जन केन्द्र के कर्मचारियों द्वारा पूरी तत्परता एवं सहयोग के साथ प्रक्रिया पूर्ण कराई गई, जिससे धान विक्रय बिना किसी परेशानी के संपन्न हुआ। समिति केन्द्र में किसानों के लिए बैठने, पानी सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं तथा कर्मचारियों द्वारा निरंतर मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी किए जाने से किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिल रहा है। धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे गेहूं, तिलहन एवं सब्जी की खेती में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और खेती को और अधिक लाभकारी बनाया जा सका है।
श्री सोमार साय ने शासन की किसान कल्याणकारी नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि उचित मूल्य, पारदर्शी व्यवस्था और तकनीक के उपयोग से आज किसान संतुष्ट हैं, उन्होंने कहा कि अब धान विक्रय करना बोझ नहीं, बल्कि भरोसे और सुविधा का अनुभव बन गया है।


