मुंगेली, 08 जनवरी 2025/sns/- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत कराए जा रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 367 ग्राम पंचायतों में से 237 पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। शेष 130 ग्राम पंचायतों में यह प्रक्रिया मार्च 2026 तक निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएगी।
सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से ग्रामीणजन स्वयं अपने क्षेत्र में मनरेगा के तहत हो रहे विकास कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। इससे न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि जवाबदेही तय होने के साथ-साथ जनविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्रामीणों की प्रत्यक्ष सहभागिता से योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आ रही है और सुधार के अवसर भी मिल रहे हैं।
ग्राम सभा के माध्यम से पारदर्शी समीक्षा
सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात ग्राम सभा के माध्यम से कार्यों का वाचन एवं चर्चा की जाती है। इस दौरान ग्रामीणों के समक्ष योजनाओं का विवरण प्रस्तुत कर निर्णय लिया जाता है, जिससे उन्हें विकास कार्यों की प्रत्यक्ष समीक्षा करने और अपने सुझाव रखने का अवसर प्राप्त होता है। यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक सहभागिता को भी सशक्त बना रही है। इस संबंध में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने कहा कि “सामाजिक अंकेक्षण सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित होता है कि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे। जिले की शेष पंचायतों में भी सामाजिक अंकेक्षण का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।” मनरेगा के अंतर्गत सामाजिक अंकेक्षण की यह व्यवस्था जिले में पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेह शासन की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।


