छत्तीसगढ़

प्राथमिकता के आधार पर नहरों के पक्कीकरण से सिंचाई सुविधा में हुई उल्लेखनीय प्रगति

बलौदाबाजार, 06 नवम्बर 2025/sns/- छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष के सफर में जल संसाधन विभाग द्वारा बलौदाबाजार भाटापारा जिले में सिंचित क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य स्थापना के समय बलौदाबाजार जल प्रबंध संभाग को लोअर महानदी संभाग रायपुर के नाम से जाना जाता था।इस समय सभी नहरें कच्ची व जीर्ण -शीर्ण स्थिति में थे।वर्ष 2001 में जल प्रबंध संभाग क्रमांक 2 अस्तित्व में आया। इसके पश्चात् राज्य शासन ने ठोस कदम उठाते हुए नहरों के पक्कीकरण को प्राथमिकता दी। इसके साथ ही 74 नये मध्यम व लघु परियोजनाओं का निर्माण हुआ।नहरों को बारी-बारी से प्रतिवर्ष विभागीय बजट में शामिल कर निविदा के माध्यम से रिमॉडलिंग, सी. सी. लाईनिंग एवं पक्के कार्यों का पुनर्निर्माण कार्य कराया गया।राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत लगभग 90 प्रतिशत नहरों का पक्कीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे लगभग 22 प्रतिशत सिंचित क्षेत्र में वृद्धि और लगभग 62147 एकड़ अतिरिक्त रकबे में सिंचाई सम्भव हुईं है। सिंचित क्षेत्र 219790 से बढ़कर 281937 एकड़ हो गया है।

प्रमुख परियोजनाएं

महानदी मुख्य नहर – महानदी पर गंगरेल बांध के मुख्य नहर अंतर्गत संभाग क्रमांक 2 बलौदाबाजार के द्वारा जिले के 4 विकासखण्डों के 253 ग्रामों में 197064एकड़ रकबे की सिंचाई की जाती है। इसके अतिरिक्त गर्मी के दिनों में 278 ग्रामों की 506 तालाबों को निस्तारी हेतु पानी प्रदाय की जाती है।

जोंक व्यपवर्तन -योजना का निर्माण वर्ष 1976 में  जिले के विकासखण्ड कसडोल से लगभग 40 किलोमीटर दूर ग्राम अर्जुनी के पास जोंक नदी पर किया गया है। दांई तट नहर की कुल लंबाई 73 किलोमीटर है तथा 132 किलोमीटर लंबी वितरक शाखा नहरें भी इसमें निर्मित की गई हैं।  वर्तमान में विकासखण्ड कसडोल के 89 गांवों के 47 हजार 166 किसानों को लगभग 25572 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा प्रदान कर रही है।

बलार जलाशय परियोजना -कसडोल विकासखण्ड अन्तर्गत बलार नाला पर बलार जलाशय मध्यम सिंचाई परियोजना का निर्माण हुआ है।बलार जलाशय की कुल रूपांकित सिंचाई क्षमता 13570 एकड़ है। वर्तमान में 16091 एकड़ में सिंचाई कर रहा है।

मध्यम एवं लघु परियोजनाएं – जिले में कुल 127 मध्यम एवं लघु परियोजना है जिसमें जलाशय, व्यपवर्तन एवं एनिकट शामिल है। इन संरचनाओं से 43210 एकड़ क्षेत्र में सिंचित हो रहा है।राज्य स्थापना के समय कुल 53परियोजनाएं थीं जो अब बढ़कर 127 हो गई है।

*किसानों के जीवन स्तर में आई सकारात्मक बदलाव *- सिंचित क्षेत्र बढ़ने से फसल  उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा  समर्थन मूल्य में लगातार वृध्दि करने से किसानों के जीवन में आर्थिक समृध्दि आई है और जीवनयापन के स्तर में भी बदलाव आया है।

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