छत्तीसगढ़

’प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बनी आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का आधार’ ’सौर ऊर्जा से मिली राहत, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा मित्तल परिवार’


कोरबा, 28 जून 2025/sns/- केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आज देशभर में आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली जनकल्याणकारी योजना के रूप में स्थापित हो चुकी है। यह योजना न केवल बड़े शहरों तक सीमित रही, बल्कि राज्यों के दूरस्थ क्षेत्रों, छोटे शहरों और कस्बों तक भी इसकी प्रभावी पहुंच बनी है। छत्तीसगढ़ राज्य के कोरबा जिले में इस योजना ने ऊर्जा क्रांति का नया अध्याय रच दिया है। जहां पहले बिजली की खपत को लेकर लोगों के चेहरों पर चिंता और असमंजस देखा जाता था, वहीं अब वही लोग आत्मनिर्भर बनकर बिजली उत्पादन में भी भागीदार हो चुके हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ने उन्हें सिर्फ बिजली बिल से मुक्ति नहीं दिलाई, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सशक्त कदम उठाने का अवसर दिया है।
कोरबा, जिसे ऊर्जाधानी के रूप में जाना जाता है, जहां देश के प्रमुख थर्मल पावर प्लांट और बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां स्थित हैं, वहां ऊर्जा की अहमियत को आमजन भलीभांति समझते हैं। ऐसे में इस योजना का क्रियान्वयन सोने पर सुहागा साबित हुआ है। अब लोगों को यह चिंता नहीं सताती कि गर्मी के मौसम में बिजली का बिल कितना आएगा, या अतिरिक्त भुगतान कैसे किया जाएगा। योजना के चलते अब कोरबा के लोग सोलर पैनलों की मदद से अपने घरों में निःशुल्क बिजली उत्पन्न कर रहे हैं और नवीनीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रहे हैं।
कोरबा जिले के कटघोरा निवासी श्री विशेष मित्तल जो पेशे से व्यापारी हैं और एक बाइक शोरूम के संचालक भी हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर योजना का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त किया है। योजना लागू होने से पूर्व उनके घर और शोरूम की बिजली खपत अधिक होती थी, जिससे उन्हें हर महीने भारी बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था। लेकिन अब पैनल लगवाने के बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है और उन्होंने इस परिवर्तन को अत्यंत सुखद बताया। उन्होंने बताया कि एक दिन अपने पिता श्री गोपाल कृष्ण मित्तल के साथ दुकान पर बैठने के दौरान उन्हें समाचार माध्यमों से इस योजना की जानकारी मिली। योजना की उपयोगिता से प्रभावित होकर उन्होंने अपने पिता की सलाह पर प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कराया। महज 3 से 4 दिनों के भीतर उनके घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित हो गया। इसके कुछ ही समय बाद शासन से ₹78,000 की सब्सिडी भी प्राप्त हो गई।
श्री मित्तल ने यह पैनल अपनी माताजी श्रीमती अंजनी मित्तल के नाम पर स्थापित कराया। वे बताती हैं कि पहले जब उन्होंने इस योजना के बारे में सुना तो विश्वास नहीं हुआ कि ऐसी कोई व्यवस्था भी संभव है जिससे बिजली बिल ही शून्य हो जाए। लेकिन जब पैनल लग गया और वास्तविक रूप में बिजली बिल समाप्त हुआ, तो उन्होंने न केवल स्वयं योजना की सराहना की बल्कि अपने मायके और परिचितों को भी इसके बारे में बताया, जिससे उनके परिवार के अन्य लोगों ने भी इस योजना का लाभ उठाया।
मित्तल परिवार ने इस योजना को एक वरदान बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना जैसी योजनाएं वास्तव में आमजन को राहत पहुंचाने वाली होती हैं। इससे हमारे जैसे मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलती है और हम अपने भविष्य को सुरक्षित बना पाते हैं। यह योजना न केवल आर्थिक बचत का साधन बनी, बल्कि पर्यावरण प्रेम और ऊर्जा स्वावलंबन की दिशा में भी बड़ा कदम है।

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