छत्तीसगढ़

न्यायिक कार्यों में गति और पारदर्शिता की दिशा में पहल

दुर्ग, 02 अप्रैल 2026/ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग द्वारा जिला न्यायालय के सभागार में बुधवार एक अप्रैल को दो महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया गया। प्रथम बैठक लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (एलएडीसीएस) के अंतर्गत कार्यरत अधिवक्ताओं के कार्यों की मासिक समीक्षा हेतु आयोजित की गई। बैठक में अधिवक्ताओं द्वारा प्रकरणों में किए जा रहे कार्य, प्रगति, गुणवत्ता एवं समयबद्ध निष्पादन पर विस्तृत चर्चा की गई। माननीय न्यायाधीश महोदय द्वारा अधिवक्ताओं को निर्देशित किया गया कि वे पात्र आरोपियों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी विधिक सहायता प्रदान करें तथा प्रत्येक प्रकरण में सक्रियता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करें।

इसके पश्चात जेल अधीक्षक के साथ एक पृथक बैठक आयोजित की गई, जिसमें माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कैदियों की समय-पूर्व रिहाई, पैरोल और फरलो की प्रक्रिया, 2022 (ON THE PROCESS OF PREMATURE RELEASE, PAROLE AND FURLOUGH OF PRISONERS, 2022) के संबंध में तैयार एस.ओ.पी. में प्रदत्त दिशा-निर्देशों के पालन में आरोपियों/बंदियों की समय पूर्व रिहाई, पैरोल एवं फरलो से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की गई। बैठक में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, पात्र बंदियों को समय पर लाभ प्रदान करने तथा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रक्रियाओं का विधिसम्मत एवं समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे पात्र व्यक्तियों को न्यायोचित लाभ समय पर प्राप्त हो सके।

यह बैठक न्यायिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उक्त बैठक में स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत की अध्यक्षा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, केन्द्रीय जेल अधीक्षक तथा लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

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