छत्तीसगढ़

ओपीडी परामर्श के लिए “आभा आईडी“ अनिवार्य

सुकमा, 25 मार्च 2026/sns/-  जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए “आभा आईडी“ (आयुष्मान कार्ड) अनिवार्य कर दी गई है। बिना इस आईडी के मरीजों का ओपीडी पंजीकरण नहीं किया जाएगा।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
जिला प्रशासन के अनुसार, इस अनिवार्यता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों और आम नागरिकों को “आयुष्मान कार्ड“ बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। “आभा आईडी“ न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मददगार है, बल्कि यह मरीज के संपूर्ण मेडिकल इतिहास को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने का एक क्रांतिकारी जरिया भी है।
आभा कार्ड होने के मुख्य फायदे
इस डिजिटल कार्ड के बन जाने से मरीजों को कई तरह की सहूलियतें मिलेंगी।
कागजी झंझट से मुक्ति अब इलाज के लिए हर जगह भारी-भरकम फाइलें, पुरानी रिपोर्ट या पर्चियां ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड इसमें आपका ब्लड ग्रुप, पुरानी बीमारियाँ, दवाइयां और डॉक्टर से जुड़ी सभी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी।
कहीं भी साझा करें अपनी लैब रिपोर्ट और डायग्नोसिस को किसी भी अस्पताल, क्लीनिक या बीमा कंपनी के साथ आसानी से साझा किया जा सकेगा।
ऑनलाइन सुविधाएं इस कार्ड के जरिए टेलीमेडिसिन, ई-फार्मेसी और पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड जैसी आधुनिक सुविधाएं सुलभ होंगी।
बीमा का लाभ कार्ड को बीमा कंपनियों से जोड़ा गया है, जिससे क्लेम की प्रक्रिया सरल और तेज होगी।

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