मुंगेली, 27 फरवरी 2026/sns/- छत्तीसगढ़ शासन ने अक्षय ऊर्जा को आधार बनाते हुए छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के माध्यम से किसानों के हित में सौर सुजला योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत किसानों के खेतों में उपलब्ध बोरवेल अथवा अन्य जल स्रोतों पर 03 एच.पी. एवं 05 एच.पी. क्षमता के सौर सिंचाई पंप स्थापित किए जाते हैं, जिन पर राज्य सरकार द्वारा 90 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जाता है। इससे लघु एवं सीमांत किसानों के लिए भी सिंचाई सुविधा सुलभ हो सकी है। सौर सुजला योजना न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ में टिकाऊ एवं बहुफसली कृषि प्रणाली के विकास की आधारशिला भी सिद्ध हो रही है।
जिले में इस योजना का प्रभाव विशेष रूप से उल्लेखनीय है। योजना के लक्ष्यानुरूप 240 से अधिक किसानों को लाभान्वित किया गया है, जिसमें मुंगेली विकासखंड के 91, लोरमी के 81 तथा पथरिया के 68 कृषक शामिल हैं, इनमें 155 किसानों के खेतों में सौर सिंचाई पंप स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि शेष खेतों में स्थापना कार्य प्रगति पर है। सौर ऊर्जा आधारित इस सिंचाई व्यवस्था ने किसानों को केवल धान की पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि वे अब सब्जी, दलहन, तिलहन और अन्य नगदी फसलों की खेती भी कर रहे हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है, खेती की उत्पादकता बढ़ी है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है।

