मुंगेली, 04 फरवरी 2026/sns/- मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान अंतर्गत जिले में ‘‘मिशन 90 प्लस परीक्षा परिणाम उन्नयन कार्यक्रम’’ प्रारंभ किया गया है। इस पहल का उद्देश्य शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराना तथा बोर्ड परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाना है। अभियान की प्रगति की समीक्षा को लेकर कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जिला पंचायत के सभाकक्ष में विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षा अधिकारियों की विस्तृत बैठक ली। बैठक में परीक्षा परिणाम सुधारने, शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने तथा कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की जवाबदेही तय करने पर विशेष फोकस किया गया।
कलेक्टर ने कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों की समीक्षा करते हुए मनोहरपुर स्कूल की प्रगति पर नाराजगी जाहिर की और प्राचार्य संजीव निर्मलकर द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही निरीक्षण में लापरवाही एवं प्रगति पत्रक संधारित नहीं पर कलेक्टर ने सभी बीईओ एवं एबीईओ की सैलरी रोकने के निर्देश दिए। इसके अलावा शिक्षा गुणवत्ता में बेहतर सुधार नहीं लाने पर लालपुर, मनोहरपुर, लगरा, देवरहट, डोंगरिया, राम्हेपुर, बैगाकापा एवं गोड़खाम्ही स्कूल के प्राचार्यों की वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने राम्हेपुर विद्यालय की प्राचार्य मरियम एक्का से चर्चा कर आगामी परीक्षा में बेहतर परिणाम लाने, लालपुर थाना स्कूल के प्राचार्य सहित अन्य विद्यालयों को बेस्ट प्रैक्टिस अपनाकर परीक्षा परिणाम सुधारने हेतु विशेष प्रयास करने प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्कूल अपने नवाचार साझा करें ताकि जिले के सभी विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को जिले के सभी विद्यालयों की बेस्ट प्रैक्टिस का संकलित प्रतिवेदन तैयार कराने निर्देशित किया। साथ ही सभी बीईओ, बीआरसी को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने विद्यालय में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्राचार्य शकुंतला के प्रयासों की सराहना की।
कलेक्टर ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने हेतु तैयार कार्ययोजना की समीक्षा की और कहा कि अनसॉल्व्ड पेपर एवं मॉडल पेपर की तैयारी गंभीरता से कराई जाए। उन्होंने शिक्षा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बेहतर मॉनिटरिंग टूल विकसित कर जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल ने कहा कि परीक्षा पूर्व का समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस अवधि में शिक्षकों को स्मार्ट टीचर की भूमिका निभाते हुए नवाचार के माध्यम से विद्यार्थियों की सोच विकसित करने और उन्हें निरंतर प्रेरित करने की आवश्यकता है। जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय ने कहा कि सभी शिक्षक अपनी जिम्मेदारी का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बेहतर कार्य करें। समीक्षा के दौरान बेहतर कार्य करने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों ने अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री एल.पी. डाहिरे, डीएमसी श्री अशोक कश्यप सहित सभी बीईओ, एबीईओ और स्कूलों के प्राचार्य मौजूद रहे।

