छत्तीसगढ़

कच्चे घर से सम्मान की छत तक पहुँची श्रीमती सुशील साहू की जिंदगी

कवर्धा, 27 जनवरी 2026/sns/-कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत कवर्धा अंतर्गत ग्राम पंचायत गूढ़ा की 55 वर्षीय श्रीमती सुशील साहू के जीवन में शासन की योजनाओं ने बड़ा बदलाव लाया है। कभी कच्चे घर और कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाली श्रीमती सुशील साहू आज पक्के मकान, बिजली, गैस, शौचालय, इलाज और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जी रही हैं। उनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि सुरक्षित और स्थिर भविष्य की नींव साबित हुई है। आर्थिक तंगी के कारण सुशील साहू का पक्का घर बनाने का सपना सालों तक अधूरा रहा। वर्ष 2024-25 में ग्राम सभा में उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चुना गया। यह खबर मिलते ही वे बहुत खुश हुईं।
जिला प्रशासन ने जल्द ही आवास स्वीकृत किया। मकान बनने की प्रगति के अनुसार राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी गई। इसके साथ ही उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 90 दिन का रोजगार भी मिला, जिससे लगभग 23 हजार रुपये मजदूरी के रूप में प्राप्त हुए। इससे घर बनाने में काफी मदद मिली। पक्का मकान बनने के बाद स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय भी बनाया गया। अब उन्हें खुले में शौच के लिए नहीं जाना पड़ता।
विभिन्न सरकारी योजनाओं से सुशील साहू के जीवन में लगातार सुविधाएं जुड़ती चली गईं। अलग-अलग सरकारी योजनाओं से उनके जीवन में और भी सुधार हुआ। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत घर में बिजली कनेक्शन मिला। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर और चूल्हा मिला, जिससे धुएं से राहत मिली। आयुष्मान कार्ड बनने से अब इलाज की चिंता खत्म हो गई है। राशन कार्ड मिलने से सस्ते दामों पर चावल और अन्य जरूरी सामान मिलने लगा है।
सरकारी योजनाओं से मिले लाभों को लेकर सुशील साहू भावुक होकर कहती हैं कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी जिंदगी इतनी बदल जाएगी। सरकार की योजनाओं से आज मेरे पास पक्का घर है, बिजली है, गैस है, शौचालय है और इलाज व राशन की सुविधा भी है। अब मैं समाज में सम्मान के साथ जीवन जी रही हूं। सुशील साहू की यह कहानी सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और योजनाओं के आपसी समन्वय का जीवंत उदाहरण है, जिससे जरूरतमंद परिवारों के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *