छत्तीसगढ़

कलेक्टर ने ली जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था तथा नारको को-ऑर्डिनेशन की संयुक्त समीक्षा बैठक

अंबिकापुर, 17 जनवरी 2026/sns/- कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल के साथ जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था तथा नारको को-ऑर्डिनेशन के सम्बन्ध में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमोलक सिंह, अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक सहित पुलिस, राजस्व, वन, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, परिवहन, नगर पालिका और आबकारी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर श्री वसंत में जिले में नशे के कारोबार में रोक लगाने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों द्वारा प्रगति, चुनौतियों एवं आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने निर्देशित किया।

नशे के कारोबार पर सख्त निगरानी के निर्देश-
कलेक्टर ने कहा कि नशे का कारोबार चिंता का विषय है, नशा क्राइम का पहला चरण है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना का मूल नशे से सम्बंधित होता है, इसे रोकने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों पर अवैध शराब, गांजा, अफीम, सिरप, सिरिंज, इंजेक्शन या अन्य नशीली दवाओं के व्यापार का संदेह हो, उनके संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्र कर तत्काल उपलब्ध कराएं। संदेहास्पद गतिविधियों पर निगरानी रखें,सूचना प्राप्त होते ही त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई करें। उन्होंने खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारी को सभी मेडिकल दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा डॉक्टरों के परामर्श पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज परिसर के 100 गज के भीतर तम्बाकू से संबंधित अन्य उत्पादों का विक्रय करने वाले दुकानों को समझाइश दें, नोटिस के बाद भी दुकान न हटाने पर आवश्यक कार्रवाई कर दुकानों को हटवाएं।
एसपी श्री राजेश अग्रवाल ने वन विभाग को अंदरूनी क्षेत्रों में गांजे की खेती पर निगरानी रखते हुए तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचना देने कहा। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों एवं पड़ोसी जिलों से आने वाले वाहनों की सतत जांच करें। उन्होंने कहा कि हमें नशे के कारोबार को रोकने में गम्भीरता से कार्य करना होगा। बैठक में समाज कल्याण विभाग को नशामुक्ति से सम्बंधित जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने कहा गया।

जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था हेतु पुलिस, राजस्व एवं सम्बन्धित विभाग की टीम को आपसी  समन्वय के साथ कार्य करने दिए गए निर्देश-

कलेक्टर श्री वसंत ने राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों से अनुभागवार चर्चा कर जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाने में आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि एसडीएम, एसडीपीओ तथा थाना प्रभारी अपने- अपने क्षेत्रों में पेट्रोलिंग कर सघन मॉनिटरिंग करें। किसी प्रकार की समस्या संज्ञान में आने पर तत्काल पुलिस अधिकारी एवं कलेक्टर कार्यालय को अवगत कराएं। विपरीत परिस्थिति में पूर्व तैयारी जरूरी है, कार्ययोजना बनाकर आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से समाज प्रमुखों से बात करें, सामाजिक समस्याओं पर चर्चा करें। जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों का  अच्छा व्यवहार रहे। गांव में कोटवारों एवं पटेलों को सक्रिय करें, लोकल लेवल की समस्याओं के बारे में जानें। उन्होंने असामाजिक तत्वों और अवांछित गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने तथा ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सूचना तंत्र मजबूत करने निर्देशित किया, ताकि किसी भी घटना की पूर्व सूचना मिल सके। इस दौरान धर्मांतरण, माइनिंग, अधिग्रहण, अवैध पट्टे से सम्बंधित मुद्दों पर विस्तारपूर्वक  जानकारी ली गई तथा कहा कि ऐसे मुद्दों पर हमें संवेदनशीलता से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि आप सभी अपने अधिकारों तथा दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें, ताकि जिले में शांति और कानून व्यवस्था प्रभावी रूप से बनी रहे।

पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि
अनुविभाग एवं थाना स्तर पर राजस्व और पुलिस अधिकारियों को नियमित संवाद बनाए रखने की जरूरत है। अनवरत समस्याओं पर विशेष फोकस करें। सूचनाओं का आपसी आदान-प्रदान कर समय रहते प्रभावी कार्रवाई किया जाए, ताकि आमजनों से सम्बंधित समस्याओं का त्वरित निराकरण हो सके। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर लोगों से संवाद बनाने के निर्देश दिए।

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