छत्तीसगढ़

वीबी-जी राम जी योजना से रोजगार के साथ गांवों के विकास को मिलेगी नई दिशा, योजना के तहत 100 की जगह अब 125 दिवस का मिलेगा रोजगार


रायपुर, 29 दिसम्बर 2025/sns/- राष्ट्रीय पेसा दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायतों में विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसमें ग्रामीणों को केंद्र सरकार की वीबी जी राम जी योजना के तहत किए जाने वाले विकासात्मक कार्यों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इससे ग्रामीण विकास व रोजगार को नई दिशा मिलेगी। ग्राम सभा में बताया कि मनरेगा को उन्नत करते हुए इस योजना के माध्यम से अब 125 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि पहले 100 दिवस का रोजगार दिया जाता था। इस प्रकार ग्रामीणों को 25 दिवस का अतिरिक्त रोजगार मिलेगा।
संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं आयुक्त मनरेगा तारन प्रकाश सिन्हा ने योजना के प्रचार के संबंध में कहा है कि वीबी जी-राम जी योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार होगी, जिन्हें पोएम गतिशक्ति और राष्ट्रीय स्थानिक योजना प्रणालियों से जोड़ा जाएगा। पंचायतों की भौगोलिक स्थिति, नगरीकरण की दिशा और स्थानीय विकास आवश्यकताओं के अनुसार योजनाएं बनाई जाएगा।
जिले में इस योजना का क्रियान्वयन कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस योजना के सुचारू एवं प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जिला स्तर पर विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसमें प्रत्येक विकासखंड को निर्धारित लक्ष्य और गतिविधियों का दायित्व सौंपा गया है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने कहा कि योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन से संबंधित पेयजल आपूर्ति की मरम्मत और देखरेख, जल संरक्षण, स्कूलों की व्यवस्था में सुधार, मंगल भवन निर्माण, आजीविका से जुड़े कार्य, लखपति दीदियों के लिए आवास, खेती-किसानी से संबंधित कार्य और डबरी निर्माण जैसे कई विकास कार्य किए जाएंगे। ये सभी कार्य राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना का हिस्सा होंगे और जल सुरक्षा, मूलभूत ढांचा, आजीविका आधारित अवसंरचनाओं तथा जलवायु परिवर्तन एवं प्रतिकूल मौसमी घटनाओं, तकनीकी व्यवस्थाओं के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
सीईओ श्री पठारे ने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण, स्पेसेटियल टेक्नोलाजी आधारित योजना, मोबाइल डैशबोर्ड से निगरानी एवं साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं के माध्यम से पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सामाजिक अंकेक्षण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। ई-केवाईसी, भूमि और आधार सीडिंग पूर्ण करने पर पीएम किसान योजना की किस्ते भी सुनिश्चित की जाएंगी, जिससे ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और योजना का प्रभाव दिखाई देगा।

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