कोरबा, 10 दिसम्बर 2025/sns/- खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान विक्रय करने वाले सभी पंजीकृत किसानों को सूचित किया जाता है कि जिन किसानों के खसरे एकीकृत किसान पोर्टल में दर्ज हैं, परंतु एग्रीस्टेक पोर्टल में अपडेट फार्मर रिक्वेस्ट (न्चकंजम थ्ंतउमत त्मुनमेज , आवेदन लंबित है, वे अपने सभी खसरों को शीघ्र एग्रीस्टेक पोर्टल में जोड़वा लें। धान उपार्जन की प्रक्रिया में निर्बाध रूप से सम्मिलित होने के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक किसान एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत हो तथा एग्रीस्टेक पोर्टल में 11 अंकों का फार्मर आईडी बनाकर अपने समस्त खसरों का अंकन पूर्ण करे।
दिनांक 05 दिसंबर 2025 तक की स्थिति में आने वाले किसानों, जिनके आवेदन न्थ्त् हेतु लंबित हैं, को यह सुविधा प्रदान की गई है कि वे अपने खसरे एग्रीस्टेक पोर्टल में स्वयं जोड़ें, या संबंधित समिति के एग्रीस्टेक लॉगिन अथवा लोक सेवा केंद्र ( ब्ैब्-टस्म्) के माध्यम से यह कार्य पूर्ण कराएं। खसरा जोड़ने की प्रक्रिया हेतु ऋण पुस्तिका या बी-1, आधार कार्ड तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर अनिवार्य है।
किसानों तक जानकारी समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से कोटवारों के माध्यम से मुनादी, ग्राम पंचायत एवं समितियों में लंबित किसानों की सूची चस्पा करने और कृषक मित्रों द्वारा घर-घर सूचना देने के निर्देश मैदानी अमले को जारी किए गए हैं। किसानों की सुविधा के लिए 10 दिसंबर से 20 दिसंबर 2025 तक जिले में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें समिति प्रबंधकों, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों और लोक सेवा केंद्रों के वीएलई (टस्म्े)की टीम गठित कर शत-प्रतिशत किसानों के छूटे हुए खसरे एग्रीस्टेक पोर्टल में जोड़ने की कार्यवाही की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, वे किसान जिन्होंने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान विक्रय किया था, परंतु जिनका एग्रीस्टेक पोर्टल में फार्मर आईडी अभी तक नहीं बन पाया है, वे अपना किसान आईडी बनवाकर 15 दिसंबर 2025 तक इसे एकीकृत किसान पोर्टल में कैरी फॉरवर्ड अवश्य करा लें, ताकि आगामी उपार्जन वर्ष में धान विक्रय में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
जिले के सभी किसानों से अपील है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर धान उपार्जन कार्य में सुगमता सुनिश्चित करें।

