राजनांदगांव, 01 नवम्बर 2025/sns/-जिले में भू-जल स्तर के लगातार गिरावट के मद्देनजर ग्राम पंचायतों एवं किसानों की जागरूकता प्रेरक है। जिसकी एक बानगी डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत मेढ़ा, रेंगाकठेरा एवं मुुंदगांव में दिखाई दी, जहां ग्रामसभा का आयोजन कर ग्रीष्मकाल में जल स्तर के गिरावट को ध्यान में रखते हुए रबी सीजन में धान उत्पादन को पूर्णत: प्रतिबंध करने का प्रस्ताव पास किया गया है। जल संरक्षण के लिए ग्राम पंचायतों में की गई यह पहल प्रेरक है। इसकी जगह कम पानी उपयोग वाली अन्य दलहन-तिलहन फसल के लिए प्रोत्साहित किया गया। पानी बचाने के लिए ग्राम पंचायत में जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। किसानों को धान के बदले दलहन, तिलहन, लघु धान्य फसल अंतर्गत मक्का, रागी, गेहूं, चना एवं अन्य फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के लिए सामुदायिक सोख्ता का निर्माण किया जा रहा है। वर्षा जल संचयन के लिए मिनी परकोलेशन टैंक, निजी सोकपीट का निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम सभा में नागरिकों को कम पानी की आवश्यकता तथा अधिक उत्पादन वाली फसलों के संबंध में जानकारी दी जा रही है।

