जांजगीर-चांपा, 21 नवम्बर 2025/sns/- किसानों को धान विक्रय हेतु सुगम एवं बेहतर व्यवस्था प्रदाय किये जाने हेतु खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में ‘तुहर टोकन मोबाइल एप’ प्रारंभ किया गया है। इस एप के माध्यम से किसानों को घर बैठे धान विक्रय हेतु टोकन की व्यवस्था उपलब्ध होगी, जिससे समितियों में लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी। यह मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इस ऐप में किसानों को सर्वप्रथम आधार आधारित ओटीपी के माध्यम से पंजीयन करना होगा। किसान प्रतिदिन सुबह 8.00 बजे से इस ऐप के माध्यम से टोकन हेतु आवेदन कर सकेंगे।
धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए, सीमांत कृषक (2 एकड़ या 2 एकड़ से कम भूमि) को अधिकतम 1 टोकन, लघु कृषक ( 2 से 10 एकड़ तक) को अधिकतम 2 टोकन तथा दीर्घ कृषक (10 एकड़ से अधिक) को अधिकतम 3 टोकन प्रदान किये जायेंगे। नया टोकन बनाने हेतु समय-सीमा रविवार से शुक्रवार तक (प्रातः 8.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक) निर्धारित की गई है। जारी टोकन आगामी 07 खरीदी दिवसों के लिए मान्य रहेंगे।धान खरीदी केन्द्र की प्रतिदिन की खरीदी सीमा का 70 प्रतिशत हिस्सा मोबाइल एप के माध्यम से टोकन हेतु आरक्षित रहेगा। इस 70 प्रतिशत में से लघु एवं सीमांत कृषक हेतु 80 प्रतिशत तथा दीर्घ कृषक हेतु 20 प्रतिशत का आरक्षण किया गया है। उदाहरण स्वरूप यदि किसी उपार्जन केन्द्र की प्रतिदिन की खरीदी सीमा 1000 क्विंटल है, तो मोबाइल ऐप हेतु आरक्षित 700 क्विंटल में से 560 क्विंटल लघु एवं सीमांत कृषकों हेतु तथा 140 क्विंटल दीर्घ कृषकों हेतु आरक्षित रहेगा। शेष 30 प्रतिशत टोकन सोसाइटी स्तर पर भी किसानों हेतु उपलब्ध रहेंगे, जिससे सभी वर्ग के किसानों को धान विक्रय हेतु सहज और सुगम व्यवस्था प्राप्त हो सके। खाद्य विभाग द्वारा विकसित ‘तुहर टोकन मोबाइल एप’ किसानों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाते हुए खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, समान अवसर और समय की बचत सुनिश्चित करेगा।
धान खरीदी से सम्बन्धित किसानों हेतु प्रश्नोत्तरी –
प्रश्न – यदि मैं समर्थन मूल्य में धान बेचना चाहता हूं तो मैं क्या करूं?
उत्तर – धान बेचने हेतु सर्वप्रथम आपका एग्रीस्टैक पंजीयन होना अनिवार्य है, इसके लिए पास के चॉइस सेंटर या पटवारी कार्यालय में अपना आधार कार्ड और बी 1 की प्रति लेकर पंजीयन करा सकते है। तत्पश्चात तहसील कार्यालय में 25 नवंबर तक अपना आधार, बी 1 तथा बैंक विवरण लेकर धान बेचने हेतु किसान पंजीयन करा सकते है।
प्रश्न – यदि मेरा किसान पंजीयन का कैरी फॉरवर्ड नहीं हो पाया है तो मैं क्या करूं?
उत्तर – ऐसे किसान तहसील कार्यालय में 25 नवंबर तक अपना आधार,बी 1 तथा बैंक विवरण लेकर उपस्थित हो सकते है। ध्यान रखेंगे कि किसान का एग्रीस्टैक में पंजीयन अनिवार्य है।
प्रश्न – यदि एग्रीस्टैक पंजीयन में मेरे खसरे छूट गए है तो क्या करूं?
उत्तर – इसके लिए आप आधार और बी 1 की प्रति लेकर पास के चॉइस सेंटर या समिति में जा सकते है, वहां यूएफआर (अपडेट फार्मर रिक्यूवेस्ट) ऑप्शन से छुटे खसरे जुड़ जायेंगे।
प्रश्न – यदि मेरे पंजीकृत खसरों में फसल विवरण (गिरदावरी) या रकबा में त्रुटि है तो क्या करूं?
उत्तर – इसके लिए 30 नवंबर तक अपने पटवारी या तहसील कार्यालय से संपर्क करेंगे, वो उन खसरों को पीव्ही एप्प से भौतिक सत्यापन कर सुधार करवा लेंगे।
प्रश्न – मुझे धान बेचने हेतु टोकन के लिए क्या करना होगा?
उत्तर – टोकन हेतु तुम्हर टोकन एप्प के माध्यम से किसान घर बैठे टोकन काट सकता है अथवा समिति में जाकर भी टोकन कटवा सकता है।
टोकन हेतु पात्रता – 2 एकड़ तक के किसान को अधिकतम 1 टोकन, 10 एकड़ तक के किसान को अधिकतम 2 टोकन और 10 एकड़ से अधिक को अधिकतम 3 टोकन की पात्रता है।
प्रश्न – टोकन काटने में क्या सावधानी रखनी होगी?
उत्तर – आपके पंजीकृत कृषि भूमि के आधार पर ही टोकन की पात्रता होगी अतः टोकन ध्यान से काटेंगें। टोकन काटने से पहले किसान को अपने छूटे खसरे जोड़ने या फसल विवरण में संशोधन का कार्य पूर्ण करवा लेना है क्योंकि टोकन कटने के पश्चात कोई भी सुधार संभव नहीं है।


