छत्तीसगढ़

लाल चंदन की खेती से माला माल होगा युवा किसान गुलशनमनरेगा योजना बनी सहायक, 140 पौधों की खुदाई, ट्री गार्ड सहित 3 साल तक देखरेख का प्रावधान


बीजापुर, 03 नवम्बर 2025/sns/-लाल चंदन की लकड़ी की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते इसकी कीमत लाखों रुपये प्रति टन तक पहुंच चुकी है। इसी संभावना को देखते हुए भैरमगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत तालनार के युवा किसान गुलशन कश्यप ने अपनी डेढ़ एकड़ भूमि में 140 लाल चंदन के पौधे लगाने का निर्णय लिया।
गुलशन के इस प्रयास को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से महत्वपूर्ण सहयोग मिला। योजना के तहत पौधरोपण, ट्री गार्ड, गड्ढा खुदाई तथा तीन वर्ष तक रखरखाव की स्वीकृति प्रदान की गई। दो वर्ष पूर्व लगाए गए पौधे अब 10 से 12 फीट ऊंचे वृक्ष बन चुके हैं, जिससे किसान की खुशी का ठिकाना नहीं है।
गुलशन बताते हैं, “जैसे-जैसे लाल चंदन के पेड़ बड़े हो रहे हैं, वैसे-वैसे मेरी संपत्ति भी बढ़ रही है।” अब वे पेड़ों के बीच की खाली भूमि में अरहर की खेती करने की योजना बना रहे हैं ताकि मिट्टी की उर्वरता और नमी बनी रहे और पेड़ों को प्राकृतिक रूप से पोषण मिलता रहे।
कार्यक्रम अधिकारी श्री खेम चंद साहू ने बताया कि किसानों की निजी भूमि पर मनरेगा योजना के तहत पौधरोपण का विशेष प्रावधान किया गया है, जिससे उनकी आजीविका में स्थायी सुधार हो सके। गुलशन कश्यप को वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3 लाख रुपये की लागत से 3 वर्ष की अवधि के लिए “ब्लॉक प्लांटेशन” कार्य की स्वीकृति दी गई है।
इस कार्य के क्रियान्वयन हेतु उद्यानिकी विभाग से प्रशिक्षित भैरम बाबा क्लस्टर संगठन को एजेंसी बनाया गया है, जो पौधों की निंदाई-गुड़ाई, सिंचाई और खाद की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। लाल चंदन की खेती से प्रेरित होकर अब अन्य किसान भी इस दिशा में कदम बढ़ाने लगे हैं, जिससे क्षेत्र में हरियाली और समृद्धि दोनों का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

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