छत्तीसगढ़

विद्यालय परिवहन सुरक्षा दिशा-निर्देशों के पालन हेतु आवश्यक निर्देश जारी

अम्बिकापुर, 19 सितम्बर 2025/sns/- माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर द्वारा याचिका क्रमांक W.P. (PIL) 32/2015 में दिनांक 03.08.2015 को पारित आदेश एवं छत्तीसगढ़ शासन, परिवहन विभाग द्वारा अधिसूचना क्रमांक F 6-14/आ-परि/2015 दिनांक नवम्बर 2015 तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में, समस्त शासकीय/अशासकीय विद्यालयों को उनके द्वारा संचालित या अधिकृत स्कूल बसों के संचालन हेतु निर्धारित सुरक्षा मापदंडों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य किया गया है। स्कूल बस संचालन हेतु अनिवार्य दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बस पीले रंग की हो तथा आगे और पीछे “स्कूल बस“ स्पष्ट रूप से लिखा हो। प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र, पैनिक बटन एवं सीसीटीवी कैमरा आवश्यक रूप से लगे हों। बस में स्पीड गर्वनर, खिड़कियों में खड़ी जाली, विश्वसनीय डोर लॉक, एवं नीले रंग की रात्रिकालीन लाइट हो। सीट के नीचे बैग रखने हेतु सुरक्षित स्थान हो तथा प्रशिक्षित सहायक उपलब्ध हो। स्कूल का नाम व संपर्क नंबर बस पर स्पष्ट रूप से अंकित हो। चालक के पास भारी वाहन चलाने का कम से कम 5 वर्षों का अनुभव हो तथा ट्रैफिक उल्लंघन का कोई गंभीर इतिहास न हो। बस का नियमित मेंटेनेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट, वैध बीमा एवं प्रदूषण प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से अद्यतन हो। फिल्मयुक्त कांच, पर्दे एवं प्रेशन हॉर्न निषिद्ध हैं। बस की आयु 12 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।पालक या शिक्षक को बस में यात्रा कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। यदि विद्यालय द्वारा किसी अन्य प्रकार के वाहन (जैसे छोटी बस, टाटा मैजिक, ऑटो आदि) का उपयोग किया जा रहा है, तो उपरोक्त सभी नियम उन पर भी समान रूप से लागू होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *