छत्तीसगढ़

संकुल समन्वयकों को अध्यापन कार्य एवं दिशा निर्देशों के पालन हेतु दिशा निर्देश जारी

अम्बिकापुर, 15 सितम्बर 2025/sns/- समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित शाला संकुल व्यवस्था में संकुल प्रभारी एवं संकुल समन्वयकों के कार्यों के सुचारू क्रियान्वयन हेतु शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा सरगुजा संभाग के निर्देशों के तारतम्य में सभी संकुल समन्वयकों को यह सुनिश्चित करने कहा गया है कि वे अपनी पदस्थापित शाला में प्रतिदिन न्यूनतम तीन कालखण्ड अध्यापन कार्य अवश्य करें। निरीक्षण के दौरान यदि अध्यापन कार्य नहीं पाया गया तो संबंधित समन्वयक पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

निर्देशों के अनुसार संकुल प्रभारी और समन्वयकों को अपने संकुल की शालाओं में शैक्षिक कैलेण्डर का पालन, विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम की ट्रैकिंग, उपचारात्मक शिक्षण, नामांकित बच्चों को गणवेश एवं पाठ्यपुस्तक की समय पर उपलब्धता, विद्यालयों की नियमित मानिटरिंग तथा सामुदायिक सहयोग से संसाधन जुटाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

इसके अतिरिक्त यू-डाइस आंकड़ों का समय पर अद्यतन, शिक्षक प्रशिक्षण की आवश्यकता का आकलन एवं आयोजन, शाला प्रबंधन समितियों की क्षमता वृद्धि, अप्रवेशी एवं शाला त्यागी विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ना, हितग्राही मूलक शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा उच्च कार्यालयों के शैक्षणिक निर्देशों का अनुपालन करना भी अनिवार्य किया गया है।

संकुल समन्वयक द्वारा किए गए शाला अवलोकन प्रतिवेदन संस्था प्रमुख के प्रतिहस्ताक्षर सहित संकुल प्रभारी को सौंपना होगा। साथ ही किसी विद्यालय में शिक्षक की कमी की स्थिति में तात्कालिक व्यवस्था का अधिकार संकुल प्राचार्य को दिया गया है।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी संकुल प्रभारी एवं समन्वयक निर्धारित कार्यों का पालन कर आगामी समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

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