छत्तीसगढ़

बंधक श्रम उन्मूलन हेतु जिला स्तर पर सतर्कता समिति गठित

महासमुंद, 07 अगस्त 2025/sns/- राज्य शासन के निर्देशानुसार राजस्व महासमुंद अंतर्गत बंधक श्रम पद्धति (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के तहत बंधुआ श्रम की रोकथाम, निगरानी और पुनर्वास कार्यों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए जिला स्तरीय सतर्कता समिति का गठन किया गया है।
जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा निर्देशित अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू समिति के अध्यक्ष होंगे। समिति सदस्य के रूप में जिले में निवासरत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, ग्रामीण विकास से जुड़े शासकीय विभाग के प्रतिनिधि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, उप संचालक कृषि, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, एवं प्रबंधक जिला अग्रणी बैंक शामिल है तथा श्रम पदाधिकारी सदस्य सचिव होंगे।
सतर्कता समिति द्वारा निर्माण एवं औद्योगिक क्षेत्र में व्याप्तता के दृष्टिगत समिति सर्वेक्षण के दौरान विशेष ध्यान और अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन की दशा में कारवाई की जाएगी। जिले में बंधुआ श्रम की पहचान, मुक्ति और पुनर्वास की के लिए व्यवस्था करेंगे। चिन्हित क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चलाना, पुनर्वास योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन व्यवस्था, श्रमिकों के शोषण, जबरन श्रम, बालश्रम इत्यादि की शिकायतों की जांच एवं आमजनों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर श्रम कानूनों की जानकारी दिया जाएगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है यदि कोई व्यक्ति या संस्था श्रमिकों से जबरन कार्य करवा रही है, या उन्हें कर्ज के बदले बंधुआ बनाकर रख रही है, तो उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, बंधुआ श्रमिकों को मुक्त कराकर उन्हें सरकार की पुनर्वास योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

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