मोहला, 28 जुलाई 2025/sns/- छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ वर्ष 2025-26 के तहत पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू कर दी है। इस योजना के तहत टमाटर, बैंगन, अमरूद, केला, पपीता, मिर्च और अदरक जैसी उद्यानिकी फसलों का बीमा किया जाएगा। जिले के इच्छुक कृषक 31 जुलाई 2025 तक लोक सेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति या भारतीय कृषि बीमा इंश्योरेंस कम्पनी के प्रतिनिधि से संपर्क करके अपने फसलों का बीमा करवा सकते हैं। बीमा योजना के तहत किसानों को निर्धारित ऋणमान का 5 प्रतिशत प्रीमियम राशि जमा करनी होगी, जबकि शेष प्रीमियम राशि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, अऋणी कृषकों को योजना में शामिल होने के लिए घोषणा पत्र, फसल बुआई प्रमाण-पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। जो ऋणी कृषक इस योजना में शामिल नहीं होना चाहते, उन्हें संबंधित वित्तीय संस्थान में हस्ताक्षरित घोषणा पत्र जमा करना होगा। यदि वे समय पर घोषणा पत्र जमा नहीं करते, तो बैंक उनके ऋण को अनिवार्य रूप से बीमित कर देगा।
– विपरीत मौसम में मिलेगी फसलों को सुरक्षा
योजना के तहत विपरीत मौसम परस्थितियों में जैसे अधिक तापमान, कम वर्षा, बेमौसम वर्षा, कीट-व्याधि प्रकोप, ओलावृष्टि और चक्रवाती हवाओं से फसलों को होने वाली क्षति का बीमा किया जाएगा। विशेषकर, ओलावृष्टि और चक्रवाती हवाओं के कारण क्षति होने पर मिर्च, केला और पपीता फसलों को बीमा सुरक्षा मिलेगी। बीमा दावा करने के लिए किसान 72 घंटे के भीतर संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने के साथ ही बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-209-5959 में सूचना दे सकते हैं। जिले में स्वचलित मौसम स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जो मौसम आधारित आंकड़ों के आधार पर बीमा दावा निपटाएंगे। किसानों को एक ही रकबे के लिए केवल एक बार बीमा आच्छादन का लाभ मिलेगा।
– कृषकों को देना होगा इतनी प्रीमियम राशि
उद्यानिकी विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार योजना अंतर्गत कृषकों द्वारा लगाये गये उद्यानिकी फसलों एवं कृषकों द्वारा देय प्रीमियम राशि जारी की गई है। जिसके तहत टमाटर के फसल के लिए किसान द्वारा 6 हजार रुपए की प्रीमियम राशि देय होगी। इसी प्रकार बैंगन के लिए 3 हजार 850 रुपए, मिर्च के लिए 3 हजार 400 रूपए, अदरक के लिए 7 हजार 500 रूपए, केला के लिए 4 हजार 250 रूपए, पपीता के लिए 4 हजार 350 रुपए एवं अमरूद के लिए 2 हजार 250 रूपए किसान द्वारा प्रीमियम राशि के रूप में देय होगी।

